सारगी 500 वर्ष बाद सनातन धर्म के राजा राम अपने धाम में फिर से पधारने जा रहें हैं जिसके लिए पुरा भारत वर्ष अपने पलक पांवड़े बिछाए अगवानी करने के लिए लालायित हैं और 1 जनवरी से पुरे नगरजन अपने अपने अनुसार अपने गांव को , अपने मोहल्ले को अपने मंदिरों को ओर अपने घर को सजाने में लगा हुआ है और जो अयोध्या धाम में नव निर्मित भव्य मंदिर में श्री रामलला प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के निमित पूजित अक्षत का वीतरण भी बड़े ही हर्षोल्लास के साथ सभी मिलकर घरों में वितरण किया जा रहा है।
*स्थापित अक्षत कलश* -:
पावन अक्षत कलश की प्रतिदिन नगरवासियो द्वारा शाम को पूजन, ओर आरती कि जा रही है।
*हर शाम को मात्र शक्ति द्वारा भजन कीर्तन किऐ जा रहें हैं*।
नगर में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या के साथ प्रभातफेरी निकाली जा रही है जो पुरें नगर में सभी गली व मोहल्ले में सुबह 5 बजें से शुरू हो रही है जिसमें भी युवाओं ओर मात्र शक्ति बढ़ चढ़कर हिस्सा लें रहे है
*पुरा नगर हुआ राममय रामभक्त कर रहे आयोजन*
अक्षत कलश के पूजन आरती के अलावा प्रतिदिन नगर में राम नाम लेकर हर जगह धर्म ध्वजा लगाई जा रही है। घर घर जाकर आकर्षक साज सज्जा की जा रही है।
साथ ही 22 जनवरी को होने वाले श्री राम स्थापना महोत्सव के समय महाआरती का आयोजन भी किया रखा गया है जिसमें पुरें को आमंत्रित करने के लिए पीले चावल देकर निमंत्रण दिया जा रहा ।
*दिवार लेखन भी किया*-:
श्री राम के आदर्शों की गुणगान के अलावा हर गली व मोहल्ले के घरों की बाहरी दीवारों पर आकर्षक रंग में रामनाम का लेखन भी किया गया है।
*अपना नगर अपनी अयोध्या*,अपना मोहल्ला अपनी अयोध्या ओर अपना घर अपनी अयोध्या मान कर धार्मिक आयोजन धुमधाम के साथ मानाये जा रहें।

