झकनावदा/पेटलावद (निप्र) - पूज्य गुरुदेव के पाट परंपरा के सष्टम आचार्य सम्राट तथा अनेकों उपाधियों से अलंकृत किया गया था। पुण्य सम्राट आचार्य देव श्रीमद् विजय जयंत सेन सुरीश्वर जी तथा आपके ही वडिल गुरु भ्राता योगिराज शांतिविजय जी की पावन प्रेरणा दी गई थी। आपको बता दें कि राजस्थान के जालोर जिले में अति प्राचीन त्रिलोक के नाथ चोविसवें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के 52 जिनालय की ऐतिहासिक धरोहर का जीर्णोद्वार प्रारंभ हुआ था। 52 जिनालय के साथ ही वर्धमान राजेंद्र जैनागम मंदिर के निर्माण होने पर संपूर्ण जैन श्रीसंघो में हर्ष व्यक्त है। तीर्थाधिपति अतिबंका भगवान महावीर स्वामी का यथावत प्रतिष्ठित करते हुए नीव खुदाई शिलान्यास एवं नीव भराई कर त्रिशिखर आरर्सोपाल बावन जिनालय बनाया गया था। इसके बाद जन जन की आस्था के केंद्र पुण्य सम्राट गुरुदेव जयंतसेन सूरीश्वरजी म.सा.का देवलोक भी इसी पावन भूमि पर 17 जनवरी अप्रैल 2017 को हुआ था। इसके बाद तो यह महातीर्थ हजारों गुरु भक्तों के हृदय मंदिर में पुण्य सम्राट की तरह सदा के लिए प्रतिष्ठित हो गया। इसके साथ ही यह महा तीर्थ विश्व पटल पर स्वर्णिम अध्याय के साथ छा गया। वर्तमान आचार्य गच्छाधिपति नित्यसेन सुरीश्वरजी तथा आचार्य जयरत्न सूरीश्वरजी के सानिध्य में 5 फरवरी से 20 फरवरी 2024 तक 16 दिवसीय तत्वत्रयि प्रतिष्ठा महोत्सव आयोजित किया जा रहा है।
*छाजेड़ ने बताया*
भांडवपुर महा तीर्थ में अखिल भारतीय श्री राजेंद्र जैन नवयुवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश छाजेड़ ने बताया कि इस महोत्सव की पत्रिका का संपूर्ण मध्य प्रदेश में रविवार को 84 गांव के श्री संघो में वितरित कीया जाएगा। इसके साथ ही जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित प्रदेश के कई जनप्रतिनिधियों एवं जैन समाज के सभी संप्रदायों में एक साथ वितरित की जाएगी। छाजेड़ ने बताया कि पुण्य सम्राट आचार्य जयंतसेंन सूरी श्वरजी महाराज साहब को आचार्य पदवी भी इसी भांडवपुर तीर्थ में प्रदान की गई थी। इसी तीर्थ में पुण्य सम्राट के देवलोक से देश भर के समस्त गुरु भक्त भगवान महावीर के मंदिर प्रतिष्ठा के साथ पुण्य सम्राट के मंदिर की प्रतिष्ठा का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।
*बनाया गया समाधि मंदिर भी*
इस महातीर्थ में बनने वाले श्री शाश्वत जिन चैत्य गणधर पूर्वाचार्य मंदिर का लाभ सुराणा निवासी शाह मिश्रीमल, हस्तीमल, पारसमल,भबूता जी छात्रानी पालगोता चौहाण परिवार ने लिया है।
*इन्होंने भी लिया लाभ*
विश्व पूज्य दादा गुरुदेव श्रीमद् विजय राजेंद्र सुरीश्वर जी के गुरु मंदिर का लाभ मंगलवा निवासी गुणिदेवी,सुमेरमल,नरसाजी, बालगोता परिवार ने लिया। पुण्य सम्राट जयंत सेन सुरीश्वर जी म.सा. के समाधि मंदिर का लाभ मंगल चंद,मुन्नीलाल हिरानी परिवार रेवतडा द्वारा लिया गया है। इस तीर्थ पर गुरु श्री शांतिविजय जी का समाधि मंदिर भी बनाया गया है। प्रकाश छाजेड़ ने मध्य प्रदेश के समस्त श्री सांडों से इस प्रतिष्ठा महोत्सव की पत्रिका का आयोजन के साथ बदामना करने तथा इस संपूर्ण आयोजन में अखिल भारतीय श्री राजेंद्र परिषद की नवयुवक महिला तरुण, बालिका,बहू इकाई से तन एवं मन से शामिल होने की अपील की है।
*रायपुरिया,पेटलावद,झकनावदा में इन्होंने दिया निमंत्रण*
19 फरवरी 2024 को राजस्थान के भांडवपुर महातीर्थ में 16 दिवसीय होने वाली प्रतिष्ठा महोत्सव के चलते 14 जनवरी को पेटलावद, रायपुरिया एवं झकनावदा के समस्त श्रीसंघों के प्रमुखों एवं परिषद परिवार अध्यक्षों को क्षैत्र के प्रभारी राजमल भंडारी,शरद बाफना,राकेश लोढ़ा,रजत कावड़िया,मनीष कुमट (जैन) के द्वारा भांडवपुर प्रतिष्ठा महोत्सव की पत्रिका भेट कर भावभीनी विनती कर आयोजन में पधारने एवं आयोजन को सफल बनाने की अपील की।

