News@ पीयूष राठौड
पेटलावद में जन अभियान परिषद द्वारा डॉक्टर भीमराव अम्बेडकरजी की जयंती के उपलक्ष्य में व्याख्यानमाला का आयोजन आज दिनांक 20 अप्रैल रविवार को शासकीय महाविधालय पेटलावद में किया गया।
आयोजन के मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता श्री हेमंतजी भट्ट सामाजिक कार्यकर्ता और विधानसभा प्रभारी,श्री गौरसिंह कटारा पेसा जिला समन्वयक, श्री अनुज धानक, खंड संयोजक हिंदू जागरण मंच, श्रीअमृत भाभर जिला योजना प्रमुख सेवा भारती ने डॉ अंबेडकर के चित्र पर माल्यापर्ण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
जन अभियान परिषद के ब्लॉक समन्वयक श्री प्रवीण पंवार ने व्याख्यानमाला के आयोजन की उदेश्य एवं रूपरेखा के बारे में बताकर स्वागत उदबोधन में कहा कि हम बाबा साहेब अंबेडकरजी के सिद्धांतों पर चले, समाज में हो रही असमानता को खत्म कर समाज को एकजुट करने व समाज में समानता लाने के लिए हर वर्ग के व्यक्ति चाहे वह किसी भी धर्म जाति का हो, को अपना योगदान देना चाहिए, समानता तभी आयेगी जब हम लोग समस्या को कम देखेंगे व समाधान को ज्यादा, कई लोग केवल समस्या में फॅस कर रह जाते है एवं समाधान की सोचते तक नहीं यदि समाधान को महत्व नहीं दिया तो असमानता बनी रहेंगी। देश को समृद्ध व सुरक्षित बनाना है तो असमानता खत्म करना होगी समानता हमें अपने घर, गांव, मोहल्ले से लानी होगी, तभी देश में समानता आयेगी।
हम स्वंय भी सुख से जिये ओर दूसरों को भी सुखी रखने को प्रयास करें।
श्री अनुज धानक ने समाज के उत्थान लिए अंबेडकरजी के सिद्धांतो पर चलने के लिए मार्गदर्शन दिया।
श्री गौरसिंह कटारा ने बताया कि बाबा साहब को जो सम्मान मिला है बाबा साहब से अस्पृश्यता का सामना करके मिला है उनका जीवन संघर्ष से भरा रहा है, पूरे भारत में पहले आईसीएस सिविल सर्वेंट बाबा साहब थे। 6 दिसंबर 1956 को उनका निर्वाण हुआ और मध्य प्रदेश के महू में जन्मे पर्यटक स्थल पर भ्रमन करने और दर्शन करने हमें जाना चाहिए और प्रेरणा लेनी चाहिए हमें बाबा साहब के मार्गदर्शन पर चलकर कार्य करना चाहिए
मुख्य वक्ता श्री हेमंतजी भट्ट ने कहा कि पखवाड़ा के तहत बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती मना रहे हैं कोई भी अच्छा काम करे संकल्प के साथ पूर्ण करना है वही देश में पहचान बनाएगा ऐसे शब्दों के साथ विद्यार्थियों को संबोधित किया गया उन्होंने कहा कि 14 अप्रैल 1998 में बाबासाहेब का जन्म हुआ हमारे लिए सौभाग्यशाली है मध्य प्रदेश के महू में जन्म हुआ महू का नाम बदलकर अब अंबेडकर नगर कर दिया गया है बाबासाहेब का 6 दिसंबर 1956 को निर्वाण हो गया था उन्होंने मुंबई से स्नातक की डिग्री हासिल की और राजनीति के साथ-साथ अर्थशास्त्री मनोवैज्ञानिक थे भारत के पहले कानून मंत्री थे देश का सबसे सुंदर संविधान उन्होंने बनाया और 26 जनवरी 1950 को बाबासाहेब ने संविधान लागू किया संविधान में स्वतंत्रता से जीने का अधिकार बाबासाहेब के द्वारा हमें मिला और बाबा साहब ने जन्म से लेकर जीने तक काफी संघर्ष संघर्ष किया समानता के अधिकार के तहत दलित का बेटा भी एक अधिकार बन सकता है यह उन्होंने साबित कर दिया और गरीब के मन से जन्म बेटा राजा बन सकता है मरणोपरांत उन्हें भारतरत्न से सम्मानित किया गया था भट्ट ने विद्यार्थियों को संघर्षशील और शिक्षित बने रहने के लिए प्रेरणा दी
प्रेरणा गीत विनीता पचाया के द्वारा सुनाया गया।
समस्त अतिथियों को सम्मान के रूप में स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
कार्यक्रम का संचालन मेंटर विनोद बाफना ने तथा आभार नवांकुर संस्था के प्रवीण यादव ने किया। कार्यक्रम में ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों एवं नवांकुर संस्थाओं, सीएमसीएलडीपी परामर्शदाता, विद्यार्थी एवं स्वैच्छिक संगठनों के सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

