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News@मनीष अरोडा
आलीराजपुर ÷ आलीराजपुर जिले की आजाद नगर जनपद पंचायत के अध्यक्ष के चुनाव आज सम्पन्न हुए, जिसमे जगदीश गणावा निर्विरोध निर्वाचित हुए।पिछले दिनो आजाद नगर के जनपद अध्यक्ष इन्द्रसिंह डावर के खिलाफ जनपद सदस्यो के द्वारा लाये गये अविश्वास प्रस्ताव के बाद डावर को अपने पद से हाथ धोना पड़ा था।
क़रीब दो माह बाद 21 अप्रैल सोमवार को जनपद पंचायत आजाद नगर जनपद पंचायत सदस्यो का सम्मेलन बुलाकर अध्यक्ष पद के लिए चुनाव कराया गया ।
इस निर्वाचन में जगदीश गणावा के अलावा किसी ने भी फार्म नही भरा था, इसके चलते वे निर्विरोध निर्वाचित हुए।एसडीएम आजाद नगर ने जगदीश गणावा को निर्विरोध निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र दिया।
भाजपा या बाप किस पार्टी के है अध्यक्ष, कुछ लोगों के मन में है संशय
आजाद नगर जनपद पंचायत अध्यक्ष के चुनाव सम्पन्न होने के बाद कुछ लोगों के मन में अध्यक्ष को लेकर संशय बना हुआ है वे किस पार्टी के है, भाजपा या बाप पार्टी के।इस ऊहापोह का कारण बताया जा रहा हैं कि जिस समय जनपद अध्यक्ष इन्दरसिंह डावर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सफल हुआ था जिसके चलते जनपद अध्यक्ष पद से डावर को इस्तीफा देना पडा था।
इस इस्तीफे के बाद भाजपा के जिलाध्यक्ष मक्कू ने ये दावा किया था की अगला जनपद अध्यक्ष फिर से भाजपा का ही होगा।लेकिन यहा तो भाजपा जिलाध्यक्ष के दावे को बाप पार्टी के जिलाध्यक्ष दिनेश निनामा ने फेल कर दिया। सोशल मीडीया पर एक विडीयो जारी कर बाप पार्टी के जिलाध्यक्ष ने आजाद नगर के जनपद अध्यक्ष जगदीश गणावा को बधाई देते हुए बताया है कि "पुर्व मे हमारी पार्टी के जगदीश गणावा को हार का सामना करना पड़ा था लेकिन अविश्वास प्रस्ताव के बाद आज हमारी पार्टी के जगदीश भाई अध्यक्ष बने है उनको बधाई।" अब ऐसे मे क्या समझा जाए की आजाद नगर में बड़ा खेला किसने कर दिया है।
हालांकि डावर के इस्तीफे के बाद गणावा बने थे भाजपा सदस्य। ....
वही पुर्व जनपद अध्यक्ष डावर का कहना है की नव निर्वाचित अध्यक्ष जगदीश गणावा पुर्व मे बाप पार्टी के सक्रिय पदाधिकारी थे।इन्होंने कभी भी भाजपा के समर्थन मे कार्य नही किया था, ना ही कभी किसी कार्यक्रम मे शामिल हुए थे, फिर भाजपा की ऐसी क्या मजबुरी थी की मुझ जैसे भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता को पद से हटाकर और घर बैठाकर किसी दुसरी पार्टी वाले को भाजपा सदस्य बनाकर जनपद अध्यक्ष भी बना दिया है।
बहरहाल इंदरसिंह डावर के प्रसारित नाराजगी में यह भी शामिल हैं कि वे अपनी ही पार्टी नेताओ की साज़िश के शिकार हो गए हैं, इसी कारण नए जनपद अध्यक्ष की निर्वाचन प्रक्रिया में भी वे शामिल नहीं हुए।

