थांदला से इमरान खान की रिपोर्ट
पाक मुकद्दस माह रमजान का रोजा रखने में बच्चे भी पीछे नहीं है थांदला नगर के पीर साहब गली निवासी जफर शेख के बेटे आमान ने 7 साल की उम्र में रखा पहला रोजा इस वर्ष रमजान का रोजा लगभग करीब 13 घंटे का हो रहा है मस्जिद में मौलाना की तकरीर और घर में रोजा रख रहे परिवार के अन्य सदस्यों से प्रेरित होकर आमान शेख ने खुदा की इबादत के लिए रोजा रखने का फैसला किया तो घर वाले हैरान हो गए पहले तो परिवार वालों ने बच्चे को रोजा रखने से मना किया लेकिन उसकी जिद पर परिवार वालों को भी मानना पड़ा और वकते शाम हुई और इफ्तार का समय हुआ तो मां ने अपने हाथों से पकवान बनाकर बेटे आमान को इफ्तार कराया वैसे तो रोजा रखना सब पर फर्ज है वैसे तो रोजा रखना किसी के लिए भी आसान नहीं होता आमान शेख को पता है कि रोजे में नेकी और कामयाबी का राज छिपा है बरकत के इस महीने में रोजा रखने से हमदर्दी और इंसानियत का जज्बा भी बढता है पहली बार रोजा रहकर अल्लाह की इबादत आरम्भ किया है पिता जफर शेख बताते है कि कम उम्र और लगभग 13 घंटे का रोजा रखने से मना किया मगर बच्चे की इच्छा को देखते हुए दबाव नहीं दे सके आमान ने बताया कि पहला रोजा रखकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।

