थांदला से इमरान खान की रिपोर्ट
थांदला - माह-ए-रमजान के आज 4 रोज हो गये है व बड़े-बुजुर्गों को नमाज व इबादत करते देख छोटे बच्चों में भी रोजा रखने का उत्साह साफ झलका इस्लामी मान्यता के अनुसार सात वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए मजहबी जिम्मेदारियों की शुरुआत मानी जाती है ऐसे में इन छोटे रोजेदारों में भी तोहीद, नमाज, रोजा, हज व जकात जैसे अरकान में रुझान देखा जा रहा है थांदला नगर के वार्ड नंबर 13 गली नंबर 2 निवासी सोहेल खान और उनके भाई मोईन खान के तिनो बच्चीयो ने पहला रोजा रखकर अपनी तुतलाती जुबान में दुआएं दोहराईं बच्चों ने अपनी छोटी उम्र में जिद के साथ पहला रोजा रखा रोजदार जहरा खान स्वालेहा खान आफिया खान के परिवार ने इस शरई अदायगी पर फूले नहीं समा रहे उन्होंने मोहल्ले के बच्चों व रिश्तेदारों को बुलाकर रोजा-इफ्तार कराया और बच्चों का पहला रोजा रखने की खुशी साझा की पहला रोजा तिनो बच्चीयो के लिए किसी त्योहार से कम नहीं होता शाम होते-होते वे नए कपड़े पहनकर, गले में फूल-माला और चेहरे पर मुस्कान लिए इफ्तारी का थाल लेकर निकल पड़े वे घर-घर जाकर इफ्तार पहुंचाते हैं और फख्र से अपना पहला रोजा रखने की खुशी मनाते हैं मस्जिदों में भी इफ्तार पहुंचाया जाता है पड़ोसी, रिश्तेदार और घर के बुजुर्ग इन रोजेदारों की हौसला-अफजाई में रुपये, गिफ्ट व दुआ देते हैं

