News@ हरिश राठौड़
पेटलावद नगर के मेला ग्राउंड स्थित खेड़ापति ( वीर दास हनुमान ) मंदिर इन दिनों अपनी दिव्यता और भव्यता के कारण पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर यहाँ वीर दास के रूप में विराजमान हनुमान जी की आदमकद प्रतिमा का ऐसा मनोहारी श्रृंगार किया गया है जिसके दर्शनार्थ श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है।
मंदिर की इस आस्था और जनविश्वास के बारे में पंडित प्रदीप बब्बन दवे बताते हैं कि यहाँ के दरबार से कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता और पवनपुत्र अपने दर पर आने वाले हर श्रद्धालु की मनोकामना अवश्य पूर्ण करते हैं।
इस वर्ष जन्मोत्सव को बेहद खास बनाने के लिए मंदिर समिति और भक्तों ने मिलकर विशेष तैयारियां की हैं। मंदिर परिसर की आकर्षक साज-सज्जा के साथ ही भगवान का जो चोला श्रृंगार किया गया है, वह अपनी विशिष्टता के कारण आकर्षण का केंद्र है। राजेश नागर, छोटू चतुर्वेदी और अशोक प्रजापत के अथक प्रयासों से यह विशेष चोला चढ़ाने का कार्य चार दिनों की कठिन साधना के बाद संपन्न हुआ। इस दिव्य श्रृंगार की सबसे बड़ी विशेषता इसमें प्रयुक्त सामग्री है, जिसमें 3000 पवित्र रुद्राक्ष और 1000 कौड़ियों का बड़ी ही सूक्ष्मता और कलात्मकता के साथ उपयोग किया गया है। रुद्राक्ष और कौड़ियों से सुसज्जित भगवान का यह स्वरूप भक्तों को मंत्रमुग्ध कर रहा है और जन्मोत्सव की पूर्व संध्या से ही समूचा मेला ग्राउंड क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया है। आपको बता दे कि पूरे इलाके में यह ही एक दक्षिण मुखी मंदिर है जहां भगवान वीर एवं दास के रूप में भक्तों का कष्ट हरते है। अंचल का एक प्रमुख आस्था का केन्द्र है। जहा मंगलवार एवं शनिवार को विशेष पूजन आरती होती है।


