News@ हरिश राठोड
झाबुआ। अधीक्षिका ने कारण बताया कि गांवों में शादियों का सीजन चलने से बच्चे हॉस्टल नहीं आ रहे हैं
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने इस पर नाराजगी जताते हुए सवाल उठाया कि बच्चों के लिए प्राथमिकता पढ़ाई होनी चाहिए या शादी।
जानकारी के अनुसार, जिले के अन्य छात्रावासों में भी कमोबेश यही स्थिति देखी गई।
प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया जाए।झाबुआ जिले में छात्रावासों की स्थिति को लेकर निरीक्षण में चौंकाने वाली हकीकत सामने आई। 50 सीट क्षमता वाले हॉस्टल में एक भी छात्र मौजूद नहीं मिला।

