News@हरिश राठौड़
पेटलावद -- मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के पेटलावद क्षेत्र में यातायात पुलिस की कथित लापरवाही और अनदेखी के चलते स्थानीय स्तर पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। बढ़ते वाहनों की संख्या, पार्किंग की कमी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती न बरतने के कारण रोजाना जाम, छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं और राहगीरों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है। स्थानीय लोग लंबे समय से इस समस्या से परेशान हैं, लेकिन यातायात पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही हैं। पेटलावद नगर में मुख्य बाजार, बस स्टैंड और हाईवे से जुड़े इलाकों में पार्किंग की भारी कमी है। नतीजतन, दुकानदार और वाहन चालक सड़क किनारे ही वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे यातायात बाधित होता रहता है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यातायात पुलिस ओवरस्पीडिंग, गलत पार्किंग और बिना हेलमेट/सीटबेल्ट वाले वाहनों पर नजर नहीं रख रही हैं। पेटलावद थाना क्षेत्र में हाल के वर्षों में कई सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें कई लोगों की जान गई और दर्जनों घायल हुए। इन हादसों के पीछे तेज रफ्तार, नियमों की अनदेखी और पुलिस की निगरानी की कमी को मुख्य वजह बताया जा रहा है।
एक स्थानीय युवक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “आए दिन बाजार में जाम लगता है और पुलिस वाले सिर्फ चालान काटने तक सीमित रहते हैं, लेकिन व्यवस्था सुधारने के लिए पुलिस वालों के पास शायद कोई प्लान नहीं है।
झाबुआ जिले में भारी वाहनों पर कुछ प्रतिबंध लगाए गए हैं, लेकिन पेटलावद जैसे छोटे कस्बों में इनका प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और पुलिस अधीक्षक से अपील की है नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।


