News@हरीश राठोड
पेटलावद -- झबुआ जिले के पेटलावद नगर सहित आसपास के कुछ गांव में अवैध सट्टेबाजी का खेल दिन-दहाड़े फल-फूल रहा है। सटोरिए बिना किसी डर के खुलेआम सट्टा व्यवसाय चला रहे हैं। बाजारों, चाय की दुकानों और कुछ गुप्त अड्डों पर लोग जमा होकर दांव लगाते दिख रहे हैं।
एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “यहां सट्टा का कारोबार इतना संगठित हो गया है कि सटोरिए में अब पुलिस का शायद बिल्कुल डर ही नहीं है। यहां पर अगर देखा जाए तो प्रतिदिन लाखों रुपये का सट्टा व्यवसाय होता है और पेटलावद नगर में तो इन दिनों क्रिकेट के सटोरिए भी आईपीएल की वजह से सक्रिय है। युवा और बेरोजगार युवक इन सटोरियों के चक्कर में फंसकर अपनी कमाई गंवा रहे हैं। परिवार बर्बाद हो रहे हैं, लेकिन कोई रोक-टोक नहीं हैं।”
पुलिस की प्रभावी कार्रवाई के अभाव में सटोरियों का मनोबल बढ़ता जा रहा है। सूत्रों की माने तो सट्टा माफिया छोटे-छोटे एजेंटों के जरिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से खेल चला रहे हैं। कुछ जगहों पर मोबाइल ऐप्स और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए रिजल्ट शेयर किए जाते हैं। इलाके में नशे और जुए की लत बढ़ने से सामाजिक समस्या भी गंभीर होती जा रही है।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस से अपील है कि इस अवैध धंधे पर तुरंत शिकंजा कसा जाए। सट्टेबाजी न सिर्फ कानून का उल्लंघन है, बल्कि युवाओं का भविष्य भी तबाह कर रही है। अगर समय रहते नहीं रोका गया तो पेटलावद जैसे छोटे कस्बे में यह और बड़ा रैकेट बन सकता है।
जागरूक नागरिकों को भी इसकी सूचना पुलिस को देनी चाहिए ताकि इन माफियाओं पर लगाम लगाई जा सके। सट्टा खेलना न सिर्फ खुद को, बल्कि पूरे परिवार को आर्थिक और मानसिक संकट में डाल देता है।

