News@ हरिश राठौड़
पेटलावद -- नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब का कारोबार दिन-दहाड़े फल-फूल रहा है। शराब माफिया बेखौफ अपना अवैध कारोबार कर रहे हैं, जबकि जिम्मेदारों की कार्रवाई महज खानापूर्ति और दिखावा बनकर रह गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि माफियाओं को कहीं न कहीं संरक्षण मिल रहा है, जिससे उनके हौंसले बुलंद हैं। अवैध देशी-विदेशी शराब की सप्लाई अनवरत जारी है। जगह - जगह होटलों और ढाबों पर खुलेआम अवैध शराब परोसी जा रही हैं। जिम्मेदार अधिकारी फोटो खिंचवाती है, कुछ जब्त करती है और फिर माफिया अगले ही दिन अपना धंधा शुरू कर देते हैं।” क्षेत्र के कुछ सफेदपोश और प्रभावशाली लोगों के नाम भी चर्चा में हैं, जिनके संरक्षण में यह पूरा नेटवर्क चल रहा है। क्या पेटलावद में कानून का राज सिर्फ कागजों तक सीमित है? क्या अवैध शराब माफियाओं के खिलाफ असली अभियान कभी चलेगा, या यूं ही खानापूर्ति की खबरें बनती रहेंगी?
जब तक बड़े अवैध माफियाओं की कमर नहीं टूटती, तब तक पेटलावद सहित पूरे क्षेत्र में युवाओं का भविष्य नशे की भेंट चढ़ता रहेगा। प्रशासन को अब सिर्फ दिखावा नहीं, सच्ची और सख्त कार्रवाई दिखानी होगी। जनता की मांग है की तुरंत बड़े स्तर पर संयुक्त अभियान चलाया जाए और शराब सप्लाई चेन पर शिकंजा कसा जाए, वरना हौंसले बुलंद माफियाओं का यह खेल और खतरनाक रूप ले सकता है। अवैध शराब कारोबार में लिप्त लोग जो युवाओं का भविष्य खराब कर रहे है उन पर जिम्मेदार आबकारी विभाग के अधिकारी की आखिर कब होगी प्रभावी कार्रवाई जिसका आमजन को इंतजार है।

