(झाबुआ समाचार jhabua news)चर्चित साड़ी कांड में निलंबित सुपरवाइजर की विभागिय जांच के लिये आये 05 माह बाद जागे जिलाधिकारी..... कैसे होगी निष्पक्ष जाँच ,पूरी प्रक्रिया घेरे में?..... कलेक्टर मिश्रा का आदेश का अव तक नहीं हुआ पालन अब भी पदस्थ है मसानिया.....

  

 

पेटलावद से अनिल मुथा की रिपोर्टर

 पेटलावद के महिला एवम बाल विकास विभाग के अंतर्गत कुछ माह पूर्व हुए साड़ी कांड के घोटाला सोमवार को एक नया मोड़ आया है और इसमें जिला स्तर के अधिकारी जांच करने के लिए पेटलावद के महिला बाल विकास विभाग कार्यालय में आए थे ।

यह है मामला.....

उल्लेखनीय है कि सितम्बर 2021 में पेटलावद परियोजना महिला बाल विकास विभाग के अंतर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को साड़ी खरीदी के लिए शासन की ओर से आए पैसों का पेटलावद क्षेत्र के सुपरवाइजर के द्वारा जिला स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से अपने कमीशन के चक्कर में एक साथ किसी ठेकेदार से साड़ी खरीद कर वितरण का मामला प्रकाश में आया था ।जिसे स्थानीय स्तर पर मीडिया के द्वारा उठाया गया था।

कलेक्टर ने की थी कार्यवाही.....

और पूरे मामले में जिला कलेक्टर सोमेश मिश्रा के तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास अधिकारी अभय सिंह खराड़ी को निर्देशित करते हुए पूरे मामले में जांच करने के आदेश दिए थे और पूरे मामले में जहां जांच उपरांत कलेक्टर सोमेश मिश्रा के द्वारा पेटलावद की 16 सुपरवाइजर को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए सभी की 1-1 वेतन व्रद्धि रोकी थी वही सुपरवाइजर प्रियंका हमार को निलंबित कर दिया था ओर पेटलावद की परियोजना अधिकारी इशिता मसानिया को को निलंबन एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु आयुक्त इंदौर को अनुशंसा की गई थी ।

निलंबित गमार की विभागीय जांच शुरू......

इस पूरे मामले में सोमवार को निलंबित आंगनवाड़ी सुपरवाइजर प्रियंका गमार की सस्पेंड होने के पश्चात विभागीय कार्रवाई एवं जांच के लिए सहायक संचालक अजयसिंह चौहान जिले से जांच के लिए आए थे जिनके द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ ओर सहायिकाओं के कथन आदि लेकर विभागीय जांच शुरू की है जो जारी है जांच पूरी होने प्रतिवेदन आगामी वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा जाएगा। जो विभागिय नियमानुसार कार्यवाही करेंगे।

आदेश का नही हुआ पालन.....

हालांकि इस पूरे मामले में लगभग 05 माह बाद विभागीय जांच की प्रक्रिया जिला स्तर के अधिकारियों के द्वारा जरूर शुरू की गई है और यह जांच कब पूरी होगी और इसके क्या परिणाम आएंगे इसमें तो समय लगेगा।

लेकिन निश्चित तौर पर झाबुआ जिले में जिला स्तर एवं कलेक्टर के आदेशों की सीधे धज्जियां उड़ाई जाती है जिसका ज्वलंत उदाहरण सामने आया है उल्लेखनीय है कि कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देश पर सितंबर माह में ही परियोजना अधिकारी पेटलावद इशिता मसानिया को निलंबित एवं विभागीय कार्रवाई के लिए कमिश्नर इंदौर को अनुशंसा की गई थी। लेकिन इस आदेश के लगभग 5 माह बाद भी इशिता मसानिया पेटलावद परियोजना अधिकारी के पद पर कार्यरत है और कलेक्टर के किसी भी आदेश का कोई प्रभाव नजर नहीं आता। जिससे यह सीधा प्रतीत होता है कि जिला स्तर के अधिकारियों को क्षेत्र के निचले अधिकारियों पर कोई असर नहीं पड़ता है ऐसे में सरकार के सुशासन की दावे खोखले नजर आते हैं ।

इनका है कहना.....

कलेक्टर महोदय के निर्देश अनुसार इशिता मसानिया के विरुद्ध निलम्बन ओर विभागीय कार्यवाही की अनुशंसा आयुक्त महोदय इंदौर को भेज दी गयी है।

आर एस बघेल जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास झाबुआ....

सुपर वाइजर प्रियंका गमार के निलंबन के बाद विभागीय जांच शुरू हुई है जिसकी जांच जल्द पूरी करके अधिकारीयो को प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा।

अजयसिंह चौहान सहायक संचालक परियोजना विभाग झाबुआ

 

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