पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट
पेटलावद।मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा आयोजित डा भीमराव अंबेडकर की 131वी जयंती पर ब्लॉक स्तरीय व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय ब्लॉक कार्यालय में किया गया। जिसमें विकासखण्ड के लगभग 100 प्रतिभागियों द्वारा सहभागिता की गई।
पारम्परिक रूप से हुआ शुभारम्भ
कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वप्रथम भारतमाता ओर डा भीमराव अम्बेडकरजी के चित्र पर माल्यार्पण ओर दीप प्रज्वलन अतिथियों द्वारा किया गया । सभी अतिथियों का पुष्पमाला से स्वागत परिषद् के सदस्यों के द्वारा किया गया कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित जनजाति विकास मंच के जिला प्रमुख श्री गौरसिंह कटारा ने डा भीमराव आंबेडकरजी 131 वी जयंती पर कहा कि 'हिन्दू समाज का घटना और देश बंटना' साथ-साथ चलता है ,ये भावना सिर्फ संघ और गांधी जी की ही नहीं बाबा साहब की भी थी।
इस बारे में उनका ऐतिहासिक व्यक्तव्य है जिसमें उन्होंने कहा था- "मैं धर्मांतरण का विचार कर रहा हूँ पर मैं इस्लाम या ईसाईयत नहीं लूँगा क्योंकि इसका कारण एक बड़ा समाज De-Nationnalised हो जायेगा।"
बाबा साहब ने धर्म नहीं बदला था उन्होंने तो बस विराट हिन्दू चिन्तन के एक महान दर्शन को अंगीकार किया था उनका मतपरिवर्तन बस ऐसा था जैसे कोई किसी मकान के अंदर अपना कमरा बदल दे। उनकी किताब " थोट्स ऑन पाकिस्तान" जिसने भी पढ़ी है उसे मालूम है बाबा साहब भारत और हिन्दू धर्म के लिये क्या थे। 370 का पहला विरोध, समान नागरिक संहिता की वकालत सबसे पहले बाबा साहब अम्बेडकर ने ही की थी।
कार्यक्रम के अतिथि के रूप में जनजाति मोर्चे में जिला अध्यक्ष श्री जगदीश जाटव ने कहा की बाबा साहेब वे केवल एक जाति के नही अपितु इस राष्ट्र के महान नेता है। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भी राष्ट्र के स्वाभिमान के लिए जिये। ऐसे राष्ट्र के महान नेता बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी की 131 वीं जयंती पर उनको शत शत नमन
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अतिथि के रूप में उपस्थित डा अंबेडकर राष्ट्रीय युवा संघ और अखिल भारतीय बलाई महासंघ के जिला अध्यक्ष श्री मुकेश सिसोदिया ने कहा की बाबा साहेब के नाम से मशहूर अंबेडकरजी का जन्म 14 अप्रैल सन् 1891 में मध्यप्रदेश के महू में हुआ था। उन्होंने समाज में समानता लाने के भरसक प्रयास किए। वह दलितों या भारत के पिछड़े वर्ग के लोगों के महान नेता थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन दलित उत्थान के लिए समर्पित कर दिया
नगर परिषद अध्यक्ष मनोहरलाल भटेवरा ने कहा कि बाबा साहेब ने जो संविधान बनाया है आज सभी उसका पालन कर रहे है बाबा साहेब कहते थे शिक्षित बनो, संगठित बनो, संघर्ष करो हम शुरू से लेकर अंत तक भारतीय है और मैं चाहता हूँ कि भारत का प्रत्येक मनुष्य भारतीय बने,अंत तक भारतीय रहे और भारतीय के अलावा कुछ न बने हमे बाबा साहेब के बताए हुए रास्ते पर चलना है|
मनोज परमार ने भी बाबा साहेब पर अपने विचार रखे उन्होंने बताया कि बाबा साहेब ने अपने जीवन में 32 डिग्रिया की है जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक जय दीक्षित भी उपस्थित रहे।उपरोक्त कार्यक्रम में प्रस्फुटन समिति के सदस्य, bsw छात्र, वालियांटर, मेंटर्स, आदि उपस्थित रहे कार्यक्रम का संचालन विनोद बाफना ने किया औरआभार ब्लॉक समन्वयक प्रवीण पंवार में किया|

