करप्शन की जांच और एफआईआर दर्ज करने की उठ रही मांग.....नगरवासियों ने उठाई पुरानी परिषद के कार्यकाल पर उँगली.....

 



पेटलावद से हरिश राठौड़ / मनोज पुरोहित की रिपोर्ट

पेटलावद । नप की सीएमओ आशा भंडारी ने 22 दिसम्बर को आयुक्त नगरीय प्रशाशन को  पत्र लिखते हुये पुरानी परिषद के समय के खातों ओर कैशबुक आदि के मिलान के बाद 70 लाख    82 हजार 737 रुपए की राशि का अंतर आने के बाद पुरे मामले की जांच और सरकारी राशि के अंतर ओर घोटाले का मामला प्रकाश में आने के बाद  पूरे नगर में पूर्व अध्यक्ष  मनोहरलाल 

भटेवरा उनके लेखापाल पोते शिवम ओर पुरानी  परिषद के कार्यकाल को लेकर  नगरवासियों में जबर्दस्त प्रतिक्रिया ओर  कार्यवाही की मांग उठने लगी है।

हर कार्यकाल में किया है करप्शन....

खुद को गलती से  कैशबुक में डबल इंट्री होने की बात कहते हुए पाकसाफ होने का दावा करने वाले  पुर्व अध्य्क्ष  भटेवरा के इस कार्यकाल  में ही नही बल्कि  इनहोने  20  वर्षो पूर्व  के इनके ओर इनकीं पत्नी  के कार्यकाल में भी बगीचे ओर नप के काम्प्लेक्स आदि के भरस्टाचार कर चुके है । जिनकी शिकायते लोकायुक्त तक की गई है ।  पिछले कार्यकाल में  बगीचे के  ताले को तोड़कर इसमे रखे हुए सामान को भी तोड़फोड़ करने और अफरा तफरा  करने का प्रयास किया था जिस पर तत्कालीन एसडीएम शिशिर  गेमावत ने पत्र जारी कर स्थगन भी जारी  किया था।

ये भी लगे है आरोप....

वही पिछले कार्यकाल में नगर में नामांतरण के नाम पर वसूली, लाभ के पद पर बैठकर परिजनों को नोकरी ओर सरकारी योजना का लाभ, रिस्तेदारो के नाम पर नप के काम्प्लेक्स की छतों को बेचने ओर   भंगार बेचने,  सब्जी मार्केट की दुकानों को  फिर से बेचने  में करप्शन के साथ ही कई गम्भीर ओर बड़ी करप्शन की शिकायतें सामने आई थी

सब तक पहुची थी शिकायते...

इन सब मामलो को लेकर लगातार एसडीएम, कलेक्टर, आयुक्त, नगरीय प्रशासन विभाग प्रभारी मंत्री , सीएम  तक न सिर्फ शिकायत पहुची है ।  ओर लगातार मीडिया ने भी इनके करप्शन ओर कामकाज को लेकर खबरे प्रकाशित की है । जिनके चलते सत्ताधारी दल को भी नुकसान उठाना  पड़ा ।

नगर में उठ रही मांग...

अब इस घोटाले के खुलासे के बॉद फिर से  इस घोटाले के जांच और एफआईआर के अलावा पुरे कार्यकाल की जांच की मांग नगरवासियों में उठ रही है।

होना चाहिए एफआईआर

1..*अभा क्षत्रिय सिर्वी समाज के अध्यक्ष बाबूलाल काग* का कहना है कि इनके कार्यकाल मे हुए करप्शन  की उच्च स्तरीय जांच  होने के साथ ही इनके ओर अन्य जिम्म्मेदारों  के खिलाफ एफआईआर दर्ज होना चाहिए। वही अस्थायी कर्मचारियों से चार्ज लेकर स्थायी कर्मचारियों को नप का चार्ज दिया जाना चाहिये ताकि भविष्य में करप्शन न हो।

होना चाहिए पूरे कार्यकाल की जांच....

2..*नागरिक प्रकाश पडियार*

  का कहना है कि विधायक को पूरे मामले को   लेकर विधानसभा में प्रश्न उठाकर पूरे कार्यकाल की जांच करवाना । चाहिये नगर के नागरिकों की गाड़ी कमाई को करप्शन की भेंट नही चढाना चाहिये।

*बेरोजगार युवा भटक रहे है*

3.. *नागरिक भोला प्रजापत*

 का कहना है  गरीबो की रोजी रोटी छीनकर अपने रिश्तेदारों को छत की लीज करने वाले पूर्व  अध्य्क्ष ,सीएमओ ओर लीज कराने वाले पर भी मुकदमा दर्ज होना चाहिए ।  

*हो मुकदमा दर्ज*

4...*नागरिक अर्जुन ठाकुर*

 का कहना है कि बेरोजगार युवा भटक रहे है और   रिश्तेदार को नोकरी, छत की लीज ओर सरकारी योजनाओं का लाभ देने वाले  पर कार्यवाही होनी चाहिये।

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