SAMACHAR 20 NEWS
सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6(1 ) में दी जाने वाली जानकारी में बड़ा मामला तत्कालीन नगर परिषद थांदला का सामने आया है जिसमें बिना भूमि आवंटन प्रक्रिया के राजस्व तथा नगर परिषद की मिलीभगत से कोरोना काल के समय लॉकडाउन के चलते मौके का फायदा उठाते हुए लोक निर्माण विभाग उप संभाग थांदला जो वर्तमान में बंद पड़ा हुआ है की भूमि सर्वे नंबर 149 पर अवैध तरीके से एमपीआरडीसी स्टेट हाईवे रोड के पास पीडब्ल्यूडी की भूमि पर अतिक्रमण कर दुकानें बना दी और नगरपालिका गजट अधिनियम 1961- जो तत्कालीन समय से बना हो करके लगातार संशोधित होते हुए मुख्यमंत्री मंत्रिमंडल द्वारा राज्यपाल को की गई अनुशंसा के आधार पर 4 मई 2021संशोधित कर बनाया गया जिसके विरुद्ध शासन के नुमाइंदे और स्थानीय नेताओं तत्कालीन पार्षद जो कई विवादों में भी रहे हैं और नगर पालिका अध्यक्ष की मिलीभगत के चलते दुकानों का आरक्षण किए बिना ही दुकानों का निर्माण कर दिया गया खासकर झाबुआ जिले में यह देखने में आया है कि नगरीय क्षेत्र तथा ग्रामीण पंचायत स्तर आबादी तथा शासकीय भूमियों पर भू माफियाओं और राजस्व विभाग की खामोशी के कारण बड़े स्तर पर लाखों रुपए की जमीन पर अवैध तरीके से दुकानों का निर्माण करके बिना आरक्षण प्रक्रिया के करोड़ों का खेल माफिया खेल रहे हैं
लोक निर्माण विभाग झाबुआ की शिकायत ढाई वर्ष में भी नहीं हुई कार्रवाई....
कार्यालय कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग द्वारा पेटलावद उप संभाग के पत्र क्रमांक/1030/ दिनांक 7/10/2020 /से लेकर लगातार दिनांक 25/8 2022/ लगभग ढाई वर्ष होने को है कार्यालय पत्रों के माध्यम से तत्कालीन कलेक्टर झाबुआ सोमेश मिश्रा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनिल भाना सहित तहसीलदार थांदला अनुविभागीय अधिकारी पुलिस थांदला थाना प्रभारी थांदला को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज लोक निर्माण विभाग की संपत्ति के संबंध में प्रमाणित दस्तावेजों के साथ में शिकायत दर्ज करवाई थी किंतु संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से रसूल दार नेताओं के शह पर दुकानों का खेल पूरी प्लानिंग के साथ में खेला गया जिसमें सफल भी हुए
थांदला नगर परिषद ने (RTI ) राइट टू इनफार्मेशन में दी जानकारी....
वर्तमान नगर परिषद थांदला से दुकानों के संबंध में सूचना के अधिकार की धारा 2005 की धारा 6(1) में दुकान निर्माण और अभिलेख आरक्षण आवंटित जमीन संबंधित जानकारी परिषद थांदला से मांगी गई थी जिसमें नगर परिषद थांदला द्वारा स्पष्ट लिखा गया कि हमारे पास में सुतरेटी रोड चौराहे पर बनाई गई दुकान के संबंध में तत्कालीन समय के कोई भी रिकॉर्ड परिषद में उपलब्ध नहीं है बड़ा सवाल के बिना नगरी प्रशासनिक प्रक्रिया के तत्कालीन समय में किसके संरक्षण में पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा कलेक्टर झाबुआ को दर्ज कराई गई आपत्ति के बाद और प्रशासनिक प्रक्रिया के गजट नोटिफिकेशन के विरुद्ध भ्रष्टाचार का खेल खेला गया



