पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट
पेटलावद नगर में नवीन तहसील कार्यालय भवन के लिए भूमि की तलाश व निर्माण के लिए टेंडर होने के बाद तहसील कार्यालय भवन कहां बने इस बात को लेकर नगर में एक नया विवाद पैदा हो गया है। प्रशासन की ओर से तीन स्थानों का चयन कर प्रपोजल भेजा जा रहा है। किंतु सभी की अपनी अपनी समस्या और अपनी अपनी राय है। एक और पक्ष आ रहा है। जिसमें कहा जा रहा है कि एसडीएम व तहसील का चोली दामन का साथ रहता है।इसलिए इन दोनों के कार्यालय भी आसपास ही होना चाहिए।
एसडीएम कार्यालय माही कालोनी में...
इस में मुख्य बात यह सामने आती है कि एसडीएम कार्यालय के लिए भवन का निर्माण कार्य माही कालोनी में प्रारंभ हो चुका है। जो की छत स्तर तक कार्य पूर्ण हो चुका है। अब यदि तहसील का स्थान परिवर्तन होता है तो उसका स्थान भी एसडीएम कार्यालय के आसपास ही हो ताकी ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले आवेदकों को एक स्थान से दूसरे स्थान भटकना नहीं पडे।
तहसील व एसडीएम के कार्यो में समानता।
मुख्य बात यह है कि एसडीएम और तहसीलदार एक दूसरे से जुडे हुए है।तहसील का अधिकांश स्टाफ की आवश्यकता हर समय एसडीएम को रहती है और पटवारी व अन्य लोग भी सीधे सीधे एसडीएम और तहसीलदार से जुडे हुए रहते है। इस कारण से इन दोनों के कार्यालय भी एक स्थान पर होने से सुविधा रहेगी।
एसडीएम कार्यालय,तहसील व जनपद एक स्थान पर हो।
वहीं नगर के लोगों का मानना है कि एसडीएम तहसील व जनपद तीनों के कार्य एक दूसरे से सीधे प्रभावीत होते है और ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले ग्रामीणों को इन तीनों कार्यालयों में काम रहता है। इसलिए यह तीनों एक स्थान पर रहेंगे तो आमजन को आसानी रहेगी और उनके कार्य भी सुगमता से हो पायेगें।
माही कालोनी में सरकारी जमीन बहुत है..
इसके साथ ही माही कालोनी में सरकारी जमीन की कमी नही है। इसके साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए क्वाटर भी बहुत उपलब्ध है उन्हें केवल रिन्यूवल करने की जरूरत है। क्योंकी माही के अधिकांश क्वाटर खाली पडे हुए है। जिनका पूरा पूरा उपयोग हो सकता है।
चुनावों में भी जरूरत रहती है...
सांसद से लेकर पंच तक के चुनाव में यदि एसडीएम रिटर्निंग अधिकारी है तो तहसीलदार सहायक रिटर्निंग अधिकारी है। यहां पर भी इनका चोली दामन का साथ है। इसलिए इन दोनों को एक दूसरे अलग नहीं किया जा सकता है। इसलिए जहां एसडीएम कार्यालय हो वहीं पर तहसील भी बने।
प्रशासन ने तीन स्थान चिन्हीत किये....
प्रशासन के द्वारा तहसील कार्यालय के लिए तीन स्थान चिन्हीत किए गये है। जिसमें प्रथम स्थान एसडीएम कार्यालय के समीप माही कालोनी में तो दूसरा स्थान बरवेट रोड पर अस्पताल के समीप और तृतीय स्थान जहां अभी तहसील कार्यालय संचालीत है वहीं पर। प्रशासन द्वारा सभी दृष्टिकोण पर विचार किया जा रहा है। नगर व जनता के हित में जो स्थान उचित रहेगा उस पर क्रियान्वयन किया जाएगा।
जनहित में निर्णय लेंगे...
हम सभी बिंदुओं पर विचार कर रहे है। आने वाले समय और बढती जनसंख्या को देखते हुए उचित स्थान का चयन किया जाएगा। हमारे द्वारा हर पक्ष की जांच कर जनता की सुविधा को ध्यान में रख कर ही स्थान का चयन किया जाएगा।..अनिल कुमार राठौर,एसडीएम पेटलावद....
एसडीएम कार्यालय व तहसील एक जगह हो...
हमारा यह मानना है कि अधिकांश लोगों को तहसील व एसडीएम में एक साथ काम रहता है इस कारण जहां पर एसडीएम कार्यालय हो वहीं पर तहसील कार्यालय भी बनाया जाए ताकी आमजन को अलग अलग भटकना नहीं पडे। रामलाल वसुनिया
स्टाफ व कार्यो में समानता..
तहसील व एसडीएम के कार्य एक दूसरे के पूरक है जिस कारण से इन दोनों ही कार्यालयों के कर्मचारियों को हर समय एक दूसरे की आवश्यकता होती है। जिस कारण से इन दोनों के कार्यालय एक दूसरे के समीप होने पर ही कार्य समय पर पूर्ण हो पायेगें। *हरिश राठौड,जिलाध्यक्ष भारतीय पत्रकार संघ*

