वालपुर का भगोरिया...जमकर गूंजे ढोल-मांदल, बिखरे परंपरा के रंग...

 





पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट

 मप्र के पश्चिमी क्षेत्र के आदिवासी बहुल अलीराजपुर जिले में होली से सप्‍ताह भर पहले मनाए जाने वाला पर्व भगोरिया शुरू हो गया है। पर्व पूरे सप्‍ताह अलग-अलग जगह हाट बाजार के दिन मनाया जाता है। इस पर्व का आदिवासी समाज में बहुत महत्‍व है। साल में एक बार समस्‍त गांव वाले और रिश्‍तेदारों के साथ हंसने-नाचने का मौका मिलता है। पर्व को लेकर आदिवासी समाज महीने भर पहले से तैयारियों में जुट जातर है। पर्व के दिन आदिवासी समाज का हर एक परिवार बच्‍चों,महिला,युवा,बुजुर्ग सब साथ मिलकर मेले में जाते हैं और अपने रिश्‍तेदारों को होली की बधाईयां देते हैं। शुक्रवार को विश्‍व प्रसिद्ध वालपुर भगोरिया रहा। जहां हजारों की संख्‍या में आदिवासी समाज के लोग यहां पर्व का आनंद लेने पहुंचे। महिलाओं और बच्‍चों ने मेले में झूले चकरी का आनंद लिया। वहीे युवा बुजुर्ग ढोल मांदल की थाप पर खूब नाचे।

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