News@ हरिश राठौड़
पेटलावद -- नगर के गांधी चौक क्षेत्र में आबकारी कार्यालय मौजूद होने के बावजूद भी शराब ठेकेदार के लोग मनमानी कर खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे है जिसके बाद भी जिम्मेदार विभाग के जिम्मेदार आंखों पर पट्टी बांध कर बैठे हुए है। आबकारी कार्यालय से कुछ ही दूरी पर लाइसेंस शराब दुकान संचालित है जहां पर नियमों ताक में रखकर नियमों के विपरीत शराब बेची जा रही है। शराब दुकान के बाहर ही सुबह से लेकर देर रात तक शराबियों की टोलियां देखी जा सकती है। यहां पर शराबियों के बैठने के लिए व्यवस्था के रूप में टीम शेड की आड़ भी कर रखी है। शराब ठेकेदार के पास शराब बेचने का लाइसेंस है लेकिन यहां पर तो नियमों के विरुद्ध कार्य किया जा रहा है। खेर आबकारी विभाग भहे कोटवाल तो डर काहे का जो कहावत नगर में चरितार्थ हो रही है। पेटलावद नगर में जिम्मेदारों के संरक्षण में चारो तरफ खुलेआम अवैध रूप से शराब माफियाओं द्वारा बेची जा रही है। पेटलावद - थांदला या पेटलावद - बदनावर मार्ग हो या तलावपाड़ा , मलिन बस्ती , नया बस स्टेंड , झंडा बाजार , राम मोहल्ला , शीतलामाता चौक आदि कई स्थानों पर जिम्मेदारों की आंखों के सामने बेखौफ होकर शराब माफियाओं द्वारा शराब बेची जा रही है। आखिर इन शराब माफियाओं को जिम्मेदारों का देर क्यों नही है। जिसके बारे में जानकारी रखने वाले बताते है कि जिम्मेदारों की मिलीभगत के कारण ही यह सब कुछ हो रहा है। यहां तक कि कई बार इन शराब अड्डों पर भी जिम्मेदार विभाग के लोग भी बैठे हुए देखे जा सकते है और इन शराब माफियाओं के अड्डों तक शराब ठेकेदार के लोग बेखौफ शराब पहुंचाने काम कर रहे है। लोग भी अब तो कहने लगे है की जिम्मेदार आखिर इन शराब माफियाओं पर कार्यवाही क्यों नही कर रहा है। पिछले कुछ समय से पुलिस ने शराब माफियाओं के खिलाफ मुहिम छेड़ रखी है कई शराबियों के खिलाफ कार्यवाही भी की है लेकिन जहां लोग जिन होटलों पर बैठकर शराब पीकर हुडदंग करते है ऐसे शराब माफियाओं पर आखिर कार्यवाही क्यों नही की जा रही है। जगह जगह आसानी से उपलब्ध होने वाली शराब की वजह से अपराध भी बड़ रहे है तो युवाओं का भविष्य भी खराब हो रहा है आखिर जिम्मेदारों की आंखों से पट्टी कब उतरेगी। इस शराब के कारण कई परिवार आज भी दुखी है। जिस तरह से पेटलावद नगर में अवैध रूप से शराब बिक रही है उसको देखकर जिम्मेदारों की ईमानदारी पर शक हो होता है।

