News हरिश राठौड़
पेटलावद।* शासकीय बैंकों में अधिकारी तो स्वयं मजे से एसी व कूलर में बैठते है पर बैंक के ग्राहक गर्मी में परेशान होने को मजबूर है। अधिकारियों के द्वारा ग्राहकों की समस्या पर ध्यान नहीं दिया जाता है और ग्राहकों को परेशान किया जा रहा है। नगर में स्थित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्या. झाबुआ हो या बैंक ऑफ बड़ौदा या कुछ अन्य बैंकों में ग्रामीण जब पैसे जमा करने या निकासी के लिए आते है तो उन्हें बैंक के अंदर खडा नहीं रहने दिया जाता है। उन्हें भरी गर्मी में बैंक के बाहर इंतजार करने का कहा जाता है। जहां पर न तो कोई बैठने की व्यवस्था है न ही कोई पानी की व्यवस्था है। जिस कारण से ग्रामीण क्षेत्र के ग्राहक परेशानी का सामना करते है।
ग्रामीण क्षेत्र के ग्राहकों का कहना है कि आखिर हमारे साथ इस प्रकार का व्यवहार क्यों किया जाता है। हमें बैंक के अंदर बैठने क्यो नहीं दिया जाता है। चौकीदार द्वारा हमें बैंक से बाहर निकाल दिया जाता है और बाहर ही इंतजार करने को कहा जाता है। आखिर इस प्रकार का व्यवहार क्यों किया जाता है। अधिकारी भी इस और ध्यान नहीं देते है यहां तक कि जिम्मेदार भी सीधे मुंह बात तक नहीं करते है जो एसी व कूलर में बैठकर अपना काम करते है और जीन ग्राहकों की वजह से बैंक चल रही है उनके साथ इस प्रकार का व्यवहार किया जाता है।
ग्राहकों की मांग है कि बैंक में इस प्रकार के व्यवहार पर रोक लगे सभी ग्राहकों को बैंक के अंदर बैठने दिया जाए या गर्मी की इस मौसम में ग्राहकों के लिए उचित बैठने की व्यवस्था की जाए और समय पर कार्य पूर्ण कर लम्बा इंतजार भी नहीं करवाया जाए।


