माता कभी कुमाता नहीं होती है वह हमेशा अपने भक्तों की सहायता करती है-पं.पंकज दवे...सात दिवसीय देवी भागवत कथा का आयोजन आई माता मंदिर पर हुआ.....




News@ हरिश राठौड़

 *पेटलावद।* देवी शक्ति,भक्ति और सेवा तीनों रूपों में रहती है। जिस भक्त ने जिस रूप में उसका ध्यान किया उस रूप में वह दर्शन देती है। माता कभी कुमाता नहीं हो सकती है। वह अपने पुत्रों का सदा ही हित चाहती है। किंतु जब अत्याचार,अनाचार बढता है तो देवी शक्ति के रूप में आकर अपने भक्तों की रक्षा भी करती है। उक्त बात कथा व्यास पीठ से कथावाचक पं. पंकज नरेंद्र नंदन दवे ने सात दिवसीय देवी भागवत के दरम्यान कहीं। नगर के आई माता मंदिर पर देवी भागवत का वाचन किया जा रहा है। जो की लगातार सात दिनों से चल रही है। भागवत श्रवण करने के लिए भक्तगण पहुंच रहे है।

पं. श्री दवे ने बताया कि माता को प्रसन्न करना आसान है। भक्त के हृदय में केवल श्रद्वा आस्था और भाव होने चाहिए ।जिससे देवी प्रसन्न होती है और मनवांछीत फल देती है।

पं.नरेंद्र नंदन दवे ने भजनों के माध्यम से भक्तों को देवी के नौ रूपों के बारे में बताते हुए मंत्र मुग्ध कर दिया। इस मौके पर सैकडो भक्तों ने उपस्थित रह कर देवी भागवत का लाभ लिया।


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