News@हरिश राठौड़
झाबुआ ।पेटलावद क्षेत्र के स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा आज एक ज्ञापन दिया गया जिसमें महिला एवं बाल विकास विभाग के आदेश के विरुद्ध जिसमें स्वयं सहायता समूह एवं सांझा चूल्हा रसोयन को आंगनवाड़ियों से हटाने का निर्देश दिया गया था। जिसके विरोध में आज स्थानीय कृषि उपज मंडी से महिलाओं ने एक संगठित रैली निकाली, जो कलेक्टर कार्यालय तक पहुंची। इस दौरान महिलाओं ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। साथ ही रैली में हमारे समूह वापस दो वापस दो के नारे के साथ कलेक्टर कार्यालय भी गूंज उठा , इसके बाद ज्ञापन का वाचन श्री मति गंगा गोयल ने किया व एडीएम एस एस मुजाल्दा को ज्ञापन सौंपा गया , समूह की विशाल रैली में भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सोमजी भूरिया एवं समूह संघ के अध्यक्ष सुरजी भगोरा उपस्थित थे ।
*सांसद से मुलाकात*
महिलाओं ने अपनी समस्याओं से सांसद अनीता नगर सिंह चौहान को भी अवगत कराया और उन्हें ज्ञापन की कॉपी सौंपी। महिलाओं ने स्पष्ट किया कि इस आदेश का पालन करने से उनकी आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
*राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन*
महिलाओं ने राज्यपाल महोदय को संबोधित ज्ञापन में कहा कि पिछले 15 वर्षों से स्वयं सहायता समूह एवं सांझा चूल्हा रसोयन आंगनवाड़ियों में बच्चों को पोषणयुक्त भोजन प्रदान कर रहे हैं। यह आदेश उनके लिए अस्वीकार्य है क्योंकि इससे उनके समूहों के अस्तित्व पर संकट आ जाएगा और बच्चों के पोषण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
*महिलाओं का विरोध*
महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन इस आदेश को वापस नहीं लेता है, तो वे प्रदेश भर में उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह आदेश महिलाओं के सशक्तिकरण के विपरीत है और इससे लाखों महिलाएं बेरोजगार हो जाएंगी।
ज्ञापन में महिलाओं ने प्रशासन से निवेदन किया है कि इस आदेश को तुरंत निरस्त किया जाए ताकि उनके समूहों द्वारा प्रदान की जा रही सेवाएं सुचारु रूप से चलती रहें और बच्चों का पोषण सुनिश्चित हो सके।
इस ज्ञापन और प्रदर्शन ने महिलाओं के संघर्ष और उनकी आवाज को मजबूत किया है, जो उनके अधिकारों और उनकी आजीविका की रक्षा के लिए उठाई गई एक महत्वपूर्ण पहल है।



