विनय कुमार द्वारा रिश्वत देकर थांदला सहित कई जगह आधार कार्ड केंद्र संचालित किए जा रहे हे और ग्रामीण को लूटा जा रहा... एसडीम तरुण जैन ने दोनों के कथन लिए कथन में ऑपरेटर द्वारा बताया गया कि कई सेंटर हमारे संचालित हो रहे हैं...



थांदला से इमरान खान की रिपोर्ट 

थांदला लोक सेवा केंद्र पर आधार कार्ड संचालक विनय कुमार गुप्ता द्वारा लुट मचा रखी हे जहां सरकार के निर्देश के अनुसार आधार कार्ड में नंबर जुड़वाने के ₹50 निर्धारित कर रखे हैं परंतु विनय कुमार गुप्ता द्वारा 150 रुपए वसूले लिए जा रहे हैं और जहां सो रुपए लेने चाहिए वहां पर ₹200 ग्रामीण आदिवासियों से लिए जा रहे हैं जिसकी शिकायत हमें एक ग्रामीण द्वारा दी गई तो हमारे द्वारा मौके पर पहुंचे आधार कार्ड संचालक से बात की गई जिनका नाम अभिषेक गुप्ता और शिवम कुमार गुप्ता था उनके द्वारा हमें बताया गया कि हम तो यहां काम करते हैं विनय कुमार गुप्ता जो संचालक के उन्होंने हमें नंबर जोड़ने की 150 रुपए लेने के निर्देशदिए हैं और साथ ही किसी के भी दबाव में आने से मना किया है साथ ही ऑपरेटर का कहना है कि हमें निचे से ऊपर तक पैसा देना पड़ता है सरकार ही चोर हे यह किस प्रकार की भाषा का उपयोग सरकार के बारे में कर रहे हैं और आधार कार्ड संचालक विनय गुप्ता द्वारा इस प्रकार की मनमानी किस हिसाब से की जा रही है इन अधिकारियों को दिखाई नहीं दे रहा या फिर जो यह ऑपरेटर कह रहे हैं कि ऊपर से नीचे तक हमें पैसा बांटना पड़ता है वह बात सही है पूरा बास ही पोला है और ऐसे संचालकों को कई आधार कार्ड केंद्र संचालित करने दे रखे हैं विनय गुप्ता के ऑपरेटर द्वारा ही बताया गया कि सभी जगह हमारे द्वारा डेढ़ सौ और ₹200 लिए जा रहे हैं इसे देखते हुए एसडीएम तरुण जैन ने दोनों ऑपरेटर को बुलाया और फटकार लगाते हुए हाथों-हाथ कार्रवाई के निर्देश दिए गए और साथ में चेतावनी भी दी गई विनय गुप्ता के कई और आधार कार्ड केंद्र थांदला मेघनगर तहसील में संचालित हो रहे हैं जिसकी लोकेशन भी पता कर वहां पर भी जांच की जाएगी साथ ही ऑपरेटर द्वारा बताया गया कि कई जगह पर दुकानों पर भी मशीन लगाकर आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं अब देखना यह है कि विनय गुप्ता की कितनी आधार सेंटर है और वहां पर कितनि लूट मची हुई है अगले अंक में पढ़िए कहां-कहां पर विनय गुप्ता के आधार सेंटर संचालित हो रहे हैं और वहां कितनी लूट मची है सिद्धि जिले से आकर झाबुआ जिले में लूट मचा रखी इन ठेकेदारों ने अधिकारियों से साथ घाट कर  कहां है आदिवासी संगठन क्यों चुपी साधे बैठा है क्यों ग्रामीणों के लिए आवाज बुलंद नहीं कर रहा है

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