News@ हरिश राठौड़
पेटलावद -- नगर में यूं तो कई सटोरिए सक्रिय हैं और जिनके द्वारा चोरी -- छिपे सट्टे का अवैध व्यवसाय किया जा रहा है लेकिन दो -- चार सटोरिए तो नगर में ऐसे भी जिन्हें देखकर तो ऐसा लगता है कि मानों उन्हें किसी का कोई डर नहीं है जिनमें से एक सटोरिया भोला भी है जो पूर्व में जिला बदर भी हो चुका है और अपनी जिला बदर की अवधि पूर्ण होने के बाद एक फिर सक्रिय होकर सट्टे का अवैध कारोबार शुरू कर दिया है। जिसने नया बस स्टैंड पर स्वयं की अतिक्रमण में एक छोटी दुकान लगा रखी है जहां पर लोगों को एक का दस करने का लालच देकर लुटा जा रहा है। जिसके बाद भी पुलिस का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। जिससे तो यही लगता है कि यह सब कुछ पुलिस की मिलीभगत की वजह से हो रहा है। जिला बदर सटोरिए की दुकान पर सुबह से लेकर शाम तक एक का दस करने वाले लोगों का आना जाना लगा रहता है। पुलिस को शायद इस बाद की जानकारी है कि भोला द्वारा सट्टे का अवैध कारोबार किया जा रहा है जिसके बाद भी कार्यवाही नहीं की जा रही है आखिर ऐसी भी क्या मजबूरी है। सुबह से लेकर शाम तक दिनभर मजदूरी करने के बाद मजदूरी से जो पैसे मिलते है कई लोग उन पैसे को दस गुना करने के चक्कर में भोला ओर भोला जैसे सटोरियों को लुटा रहे हैं। इन सटोरियों की वजह से कई परिवारों के लोग परेशान है। स्थानीय पुलिस से तो यह उम्मीद नहीं की जा सकती है कि उनके द्वारा इस सटोरियों पर प्रभावी कार्यवाही की जाएगी।

