कर्म धोने का उत्तम साधन तपस्या है।साध्वी रेणुका जी।....The best means of washing away karma is penance. Sadhvi Renuka ji….




News@ हरीश राठोड 

 पेटलावद।    तपस्या निर्जरा कर कर्म क्षय करने के भाव से की जाना चाहिए। कर्म धोने का उत्तम साधन तपस्या है।  उसमें सर्वश्रेष्ठ अनशन तप है। स्वयं के नाथ स्वयं बानो ऐसा करने से ना तो अपने-आप से कोई शिकायत रहेगी नहीं किसी के सामने गिड़गिड़ाना पड़ेगा। मनुष्य भव मिल गया हे।अब  पर वस्ता बहुत हो गई अब तो स्वयं को पहचान कर सभी कर्म क्षय कर मानव भाव को सार्थक कर लेना है। उक्त बात साध्वी श्री रेणुका जी महरासाहब ने नव किशोरी सुहानी आशीष मेहता के वर्षित तप पूर्णता के अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में कहे। आप का सम्मान राजेंद्र कुमार पटवा ने 27 उपवास की बोली लेकर किया। इसके अलावा महावीर समिति मंदिर मार्गिय की समाज ने भी सम्मान किया गया। थैरेपिस्ट आशीष बाविस्कर का साधु साध्वियों की विशेष सेवा करने हेतु श्री संघ द्वारा सम्मानित किया गया ।सुहानी  के सम्मान में विशाल शोभा यात्रा निकाली गई।  निजी गार्डन में श्रीमती शांता देवी हेमराज जी मेहता परिवार के द्वारा 24 का भी आयोजन किया गया। तपस्वी को आशीर्वाद देने महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया जनपद अध्यक्ष रमेश सोलंकी अपने साथियों के साथ विशेष रूप से उपस्थित रहे। व्याख्यान के पश्चात पेटलावद गौरव पूज्य अनुपम शीला जी ने तपस्वी व उपस्थित धर्म सभा को मंगल पाठ सुनाया। इस अवसर पर कार्यवाहक अध्यक्ष मणिलाल चाणोदिया उपाध्यक्ष महेंद्र कटकानी कोषाध्यक्ष विमल मोदी पूर्व अध्यक्ष व तपस्वी के दादा अनोखी लाल मेहता नरेंद्र कटकानी जितेंद्र मेहता नीरज जैन नरेंद्र मोदी महावीर समिति के विजय भंडारी चेतन कटकानी मंदिर मार्गिय समाज से मनोज वोहरा सहित सभी मंडलों के पदाधिकारी एवं भारी संख्या में समाज जन परिजन उपस्थित रहे। संचालन राजेंद्र कटकानी ने किया।

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