26 वीं कावड यात्रा का भोलेनाथ के जयकारों के साथ स्वागत व सम्मान किया गया।....350 कावड यात्री अनंतखेडी से जल भर कर पैदल उज्जैन महाकाल तक पांच दिन में पहुंचेगें।....डॉ. दादू महाराज संस्थान और भारतीय पत्रकार संघ ने यात्रा संचालक पं. दवे का सम्मान किया।....

 





News@ राज मेडा

 पेटलावद।‘‘बोल बम बोल बम,उज्जैन तक है जाना‘‘ के जयकारों के मध्य क्षेत्र की सबसे पुरानी कावड यात्रा बोल बम कावड यात्रा संघ जब पेटलावद नगर में प्रवेश हुई तो पुष्पवर्षा और स्वागत में अल्पाहार की व्यवस्था में नगरवासियों ने पलक पावडे बिछा दियें। नगर में प्रवेश के पूर्व 26 वर्ष से लगातार निकाली जा रही कावड यात्रा का संचालन पं. नरेंद्र‘‘नंदन‘‘दवे के द्वारा किया जा रहा है। इस कावड यात्रा में लगभग 350 कावड यात्री शामील है। जो की अनंतखेडी से जल भर कर भगवान महाकाल का जलाभीषेक करने के लिए 120 किमी की पैदल यात्रा तय कर पांच दिनों में उज्जैन पहुंचेगें।यात्रा 20 जुलाई को प्रारंभ हो कर 24 जुलाई को महाकालेश्वर उज्जैन पहुंचेगी। यात्रा के दरम्यान पांच पडाव आयेगें। जिसमें रात्रि विश्राम रहेगा। कावड यात्रा में लगभग कई कावडयात्री तो तभी से शामील हो रहे है जब से कावड यात्रा प्रारंभ हुई है और कई नये युवा भी कावडयात्रा में शामील होते है। भगवान के जयकारों और भजन किर्तन के साथ यात्रा प्रारंभ हो कर जलाभिषेक कर पूर्ण होती है।


 *71 किलो की कावड ली।* 

 

भगवान शिव के परम भक्तों ने 71 किलो की कावड उठा रखी है। उसे जल को अनंतखेडी से ले जा कर 120 किमी पैदल चल उज्जैन में भगवान महाकाल का अभिषेक करेगें। इसके साथ ही कावड यात्री ने 21 किलो की कावड भी उठा रखी है।


 *26 वर्ष से निकल रही कावड यात्रा।* 


बम बोले कावड यात्रा संघ के साथ विशेषता यह जुड चुकी है कि यह यात्रा 26 वर्षो से लगातार निकाली जा रही है। वर्ष 2000 से प्रारंभ हुई कावड यात्रा का क्रम सतत जारी है। जहां 100 से कम कावड यात्रीयों के साथ यात्रा निकालने का क्रम प्रारंभ हुआ था। वहीं अब 350 से लेकर 400 तक कावड यात्री शामील होते है। कावड यात्रा के दरम्यान चार रात्रि का विश्राम होता है। जिसकी व्यवस्था समिति के द्वारा की जाती है। यात्रा संचालक पं.नरेंद्र नंदन दवे ने बताया कि कावड यात्रा का यह क्रम भगवान भोलेनाथ के आर्शीवाद से ही संपन्न होता है। भगवान के आदेश पर लगातार 26 वर्षो से यह आयोजन भक्तों के सहयोग से हो रहा है। व्यवस्था प्रमुख विठ्टल धानक ने बताया कि व्यवस्था समिति के द्वारा पूरी योजना बना कर हर वर्ष पूर्व से व्यवस्था की जाती है। जिससे कावड यात्रीयों को परेशानी का सामना नहीं करना पडे।


 *स्वागत व सम्मान किया।* 


नगर में कावड यात्रा का विभिन्न संगठनों,सामाजिक कार्यकर्ताओं और आमजन ने स्वागत व सम्मान किया। कावड यात्रा के नगर में प्रवेश करते ही महिलाएं नृत्य गान करते हुए कावड यात्रा के आगे चलती रही। नगर में सर्वप्रथम डां दादू महाराज संस्थान के सदस्यों के द्वारा स्वागत किया गया। वहीं किन्नर हरियाली बुआ ने भी कावड यात्रा का स्वागत किया। और वहीं भारतीय पत्रकार संघ के द्वारा भी कावड यात्रा का स्वागत किया गया। इस मौके पर कावड यात्रा के संचालन पं. नरेंद्र नंदन दवे और पं. पंकज दवे को साल श्री फल भेंट कर और पगडी पहनाकर सम्मान किया गया। लगातार 26 वर्षो से सफल कावड यात्रा के संचालन पर नगर में कई स्थानों पर स्वागत व सम्मान हुआ। इस मौके पर अशोक वर्मा,हरीश राठौड, मोहन परमार, चंदु राठौड, अर्जुन राठौर, रमेश अटकान, बलराम राठौड, रवि कुमार, हिमांशु राठौड, गौरव जोशी,विनायक तवर,सोनू राठौर ,रवि पुरोहित,पियुष राठौड आदि उपस्थित रहे।


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.