पेटलावद - एक तरफ सरकार के द्वारा प्राइवेट कम्पनीयो के माध्यम से रोजगार हेतु जगह जगह शिविर लगाकर युवाओ को रोजगार देने के लिए प्रेरित किया जा रहा और रोजगार प्रदान भी किया जा रहा है , ऐसा ही एक मामला शासकीय महावीर महाविद्यालय पेटलावद में सामने आया जिसमे पूर्व में एक कंपनी क्यरोस सॉफ्ट टेक लिमिटेड कम्पनी तथा सेडमैप ऍम पी के माध्यम से आउटसोर्सिंग मेनपावर प्रदान करते हुए युवाओ से आवेदन प्राप्त करके विधिवत उनका सिलेक्शन कर उन्हें महाविद्यालय में विभिन्न पदों पर कुल आठ योग्य अभ्यर्थी को जोइनिंग लेटर जारी किया , वही दूसरी ओर शासकीय महावीर महाविद्यालय पेटलावद प्राचार्य की हठधर्मिता के कारण उन युवाओ जानबूझ कर या किसी व्यक्तिगत उद्देश्य की पूर्ति के लिए रोजगार से वंचित किया जा रहा है और डबल इंजन सरकार के नियमो की अनदेखी कर उन्हें परेशान किया जा रहा है , इसी सम्बन्ध में अभ्यर्थी अपना जोइंनिंग लेटर लेकर शासकीय महावीर महाविद्यालय पेटलावद पहुंचे तो उन्हें देखकर प्रभारी प्राचार्य भड़क उठी और आवेदन लेने से इंकार कर दिया आखिर किस कारण से युवाओ के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है ,इस सम्बन्ध में जानकारी मिलने पर हमारे द्वारा प्राचार्य से इस सम्ब्नध में चर्चा करनी चाही तो प्राचार्य कैमरे को देखते ही अपना केबिन छोड़ कर चले गए , जब थोड़े देर उनके जवाब का इंतज़ार कर वापस कार्यालय पहुंचे तो प्रचार्य साहिबा अपनी कुर्सी पर बैठे पाए गए हमारे द्वारा आवेदन नहीं स्वीकार करने को लेकर सवाल किया तब प्रिंसिपल साहिबा श्रीमती कपिला बाफना द्वारा कहा गया की हमारे पास आवेदन रख दो इसकी प्राप्ति नहीं दूंगी ओर आवक-जावक में दर्ज भी नहीं करुँगी इसके लिए आपको जहा चाहे मेरी शिकायत कर दो में किसी से नहीं डरती ,
पूर्व में भी जनभागीदारी से लाखों-करोड़ों रूपये के भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे उसमे अनुविभागीय अधिकारी महोदय के द्वारा जाँच कर सत्य पाया था की गबन हुआ है उनके द्वारा उच्च अधिकारी को इस संबंध में जानकरी भेजी गई थी जिसकी भी उचित कार्यवाही आज तक नहीं होना भी संदेह उत्पन्न करता है क्या ऐसे ही छात्र- छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ होता रहेगा।

