News@ हरीश राठोड
पेटलावद -- नगर सहित क्षेत्र में जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण कुछ दुकानों पर खुलेआम केमिकल युक्त बिक रहे हैं। एक व्यक्ति ने अपना नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया कि व्यापारी फलों को जल्दी पकाने और चमकदार बनाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड और अन्य केमिकल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह उदासीन बने हुए हैं। इससे क्षेत्र के लोगों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। बाजारों में आम, केला, पपीता, संतरा और अन्य फल ऐसे दिखते हैं मानो ताजा-ताजा तोड़े गए। जानकार बताते है कि केमिकल से पके हुए फल असल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।
खाद्य विभाग और प्रशासन को इस समस्या की जानकारी होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। कैल्शियम कार्बाइड जैसे खतरनाक केमिकल्स से फल पकाने पर प्रतिबंध है लेकिन पेटलावद जैसे छोटे कस्बों में बेखौफ सब कुछ चल रहा है।
बताया जाता है कि गोदामों में फलों को केमिकल घोल में डुबोया जाता है या पाउडर छिड़का जाता है और कच्चे फलों को पकाया जाता है तथा जिसके बाद ऐसे फल बाजार में बिकने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे फलों से गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। अब तो फल खाने और खिलाने से डर लगता है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ :-- केवल एथिलीन गैस से फल पकाने की अनुमति है। कैल्शियम कार्बाइड पूरी तरह प्रतिबंधित है। केमिकल युक्त फल खाने से पाचन तंत्र खराब हो सकता है।
क्या हैं समाधान :-- नियमित जांच, नमूने टेस्टिंग और ऐसे व्यापारि जो अवैध रूप से प्रतिबंधित केमिकल से फलों को पकाते हैं पर कार्रवाई होनी चाहिए। आज नहीं तो कल यह समस्या पूरे क्षेत्र को स्वास्थ्य संकट में डाल देगी। क्या जिम्मेदार अधिकारी अब भी चुप रहेंगे या जनता की सेहत को प्राथमिकता देंगे? फिर भी पेटलावद के ज्यादातर व्यापारी आमजन के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए ईमानदारी पूर्वक अपना काम कर रहे है फिर भी खाद्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को समय - समय पर इस ओर ध्यान देना चाहिए तथा लापरवाही बरतने वाले व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई भी करनी चाहिए।


