News@ हरिशं राठोड
पेटलावद कुछ माह पूर्व ही रेत पर चलने वाले डंफर के द्वारा जिला कलेक्टर नेहा मीना के वाहन को टक्कर मार दी गई थी, जिसके बाद जिला कलेक्टर एक्शन में दिखाई दी और जिला खनिज विभाग की ओर से ताबड़तोड़ कार्यवाही रेत के कारोबारियों पर देखने को मिली थी और जिले में कई जगहों पर अवैध रेत से भरे डंफर खनिज विभाग ने पकड़ कर लाखों की प्लेंटी वसूल की थी, जिस प्रकार से जिले भर में अवैध रेत के कारोबार पर ताबड़तोड़ कार्यवाही की गई जिससे लग रहा था कि अवैध रेत के इस काले धंधे पर रोक लगेगी। जिले से शुरू हुई कार्यवाही कुछ ही दिनों की मेहमान रही ओर अवैध रेत का कारोबार इन दिनों फिर से अपने पूरे चरम पर है। आलम ये है कि रेत ओवर लोड भरे डंफर बेधड़क नगर की सड़को पर दौड़ने लग गए जिनको रोकने वाला कोई नहीं है।
नगर में रोज आ रहे 15 से 20 डंफर
अवैध रूप से नगर में चारों ओर रेत का कारोबार किया जा रहा है , यहां एक दो नहीं रोज के लगभग 15 से 20 डंफर रेत आती हैं। जिसमें से लगभग डंफर ओवर लोड होते है क्योंकि अंडर लोड डंफर लाना मतलब डंफर मालिक को किसी प्रकार का मुनाफा नहीं मिल पाता, सूत्रों की माने तो कई वाहनों के पास रॉयल्टी की रसीद तक नहीं होती तो कई वाहन एक ही रसीद पर आ जाते है। स्थानीय स्तर पर मौजूद दलाल नगर में आए इन डंफर को कमीशन पर ठिकाने लगाते हैं।
गुजरात और आलीराजपुर जिले से रेत भर के ये वाहन दो, तीन ओर चार जिले पार कर निकल जाते है जिनको रोकने वाला कोई नहीं है, कहने को तो खनिज विभाग का अमला मौजूद है लेकिन रेत के डंफर देख कर ही विभाग दुबक जाता है, आलम ये है कि कई मीडिया में आई खबरों के बाद भी खनिज विभाग की कोई बड़ी कार्यवाही देखने को नहीं मिलती हैं। स्थानीय स्तर के अधिकारी भी रेत के इस अवैध कारोबार को देखा अनदेखा कर देते है। जिससे ये स्पष्ट लगता है कि पूरा कारोबार मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। अब इस मिलीभगत की बंदरबाट में कौन कौन शामिल हैं इसकी जानकारी रेत सप्लाई में लगे दलालों के मोबाइल की कॉल डिटेल से पता लग जाएगी। इस काले कारोबार के पीछे कौन कौन से विभाग के जिम्मेदार शामिल है।
नवागत कलेक्टर से है कार्यवाही से उम्मीद
जिस तरह से अवैध रेत के मामले में कार्यवाही कलेक्टर नेहा मीना ने शुरू की थी उसी प्रकार की कार्यवाही को फिर शुरू करना होगी। जिसकी उम्मीद नवागत जिला कलेक्टर से है ताकि रोज होने वाली राजस्व चोरी पर रोक लग पाए।

