थांदला से इमरान खान की रिपोर्ट
ग्राम परवलिया में बिजली विभाग की मनमानी चरम पर है लोड सेटिंग के नाम पर रोज एक से डेढ़ घंटे की अघोषित कटौती की जा रही है। आधी रात ही गांव अंधेरे में डूब जाता है और ग्रामीण दहशत में रात काटने को मजबूर हैं।
*अंधेरे में बढ़ा चोरी का खतरा*
कटौती का समय ऐसा चुना गया है जब चोरों की चांदी हो जाती है ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली जाते ही सुनसान गलियों में असामाजिक तत्व सक्रिय हो जाते हैं।
*जनजीवन अस्त-व्यस्त* ,
मरीजों को दिक्कत, और ऊपर से चोरी का डर ये कैसी लोड सेटिंग है जो सिर्फ गरीब के घर अंधेरा करती है
*विभाग पर गंभीर आरोप*
ग्रामीणों का कहना है कि कटौती का कोई शेड्यूल नहीं है। सरपंच ने बताया कि कई बार लिखित शिकायत दी, पर जवाब नहीं मिला ऊपर से आदेश है सवाल ये है कि आदेश सिर्फ परवलिया के लिए ही क्यों
*सुलगते सवाल*
1. लोड सेटिंग के नाम पर रोज कटौती क्यों, जब शहर में 24 घंटे लाइट है
2. अंधेरे में हो रही चोरियों का जिम्मेदार कौन — चोर या बिजली विभाग
3. गांव वालों से सौतेला व्यवहार कब तक करेगा विभाग
*ग्रामीणों का अल्टीमेटम*
ग्राम पंचायत ने चेतावनी दी है: 48 घंटे में कटौती बंद नहीं हुई तो सभी ग्रामीण बिजली घर का घेराव करेंगे और बिल जमा करना बंद कर देंगे।
लोड सेटिंग या लूट सेटिंग अंधेरे में परवलिया को किसके हवाले कर रहा विभाग

