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बड़वानी से सरकार के दावों की पोल खोलती तस्वीर सामने आई है। यहां एक गर्भवती महिला को उसके परिजन कंधों पर लटकाकर 8 किलोमीटर दूर एम्बुलेंस तक ले गए। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। मामला पानसेमल जनपद पंचायत का है। गांव में सड़क नहीं होने से बीमार लोगों को ऐसे ही ले जाना पड़ता है।
पानसेमल जनपद के ग्राम पन्नाली पंचायत के खामघाट फलिए में पुलिया नहीं है। यहां कोई रोड भी नहीं है। सड़क नहीं होने से एम्बुलेंस भी गांव में नहीं आ पाती। वह 8 किलोमीटर दूर ही खड़ी होती है। इसके बाद ही उसे अस्पताल ले जाया जाता है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं और मरीजों को कंधों पर बांस और कपड़े के सहारे बांधकर लटकाकर लाना होता है। ताजा मामला सुनीता (20) पति आसू का है। गांव में रहने वाली सुनीता को प्रसव पीड़ा हुई।
महिला को डिलीवरी के लिए परिजन पाटी से मायके लाए थे। पिता रायसिंह पटेल ने बताया, 108 एंबुलेंस को फोन किया। रास्ता नहीं होने से एंबुलेंस घर तक नहीं आ सकी। बेटी दो घंटे तक प्रसव पीड़ा से तड़पती रही। परिवार के लोग बेटी को झोली में डालकर 8 किमी दूर ग्राम आमझिरी तक लाए। इसके बाद एंबुलेंस से पानसेमल अस्पताल पहुंचाया। सुनीता ने रात 8 बजे बेटी को जन्म दिया है। पटेल ने बताया, दो साल पहले बहन गांजाबाई की तबीयत खराब होने पर झोली में डालकर इलाज के लिए ले जा रहे थे। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई थी। इसी तरह, अन्य गर्भवती महिला समेत बीमार लोगों को समय पर इलाज नहीं मिलने से मौत हो चुकी है। फलिये में 81 मकानों में 450 से ज्यादा लोग रहते हैं।
नेताओं से कई बार लगा चुके गुहार.....
गांव वालाें का कहना है कि कई बार बारिश के दिनों में नालों में पानी ज्यादा होने से घंटों पानी उतरने का इंतजार भी करना पड़ता है। कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से सड़क व पुलिया बनाने की गुहार कर चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। गांव के सवाई सिंह रावत कहते हैं, विधायक दीवान सिंह पटेल प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन और पिछले 15 वर्षों से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
पंचायत से रोड बनवाने के लिए भेजेंगे प्रस्ताव.....
ग्राम पंचायत पन्नाली के सचिव अर्जुन जाधव ने बताया कि ग्राम राजपुरा के खामघाट फलिया पहाड़ी पर बसा है। फलिया वन विभाग के अंतर्गत आता है। पंचायत ने वन विभाग से अनुमति लेकर घाट कटिंग करवाकर आने-जाने का रास्ता बनवाया था। पक्की सड़क बनवाने के लिए प्रस्ताव बनाकर विभाग को भेजेंगे। स्वीकृति मिलने पर रोड बनवाएंगे।
जनप्रिनिधि नहीं लेते सुध, पहाड़ी पर बसा है खामघाट फलिया....
खामघाट फलिया पहाड़ी क्षेत्र में बसा है। पहाड़ी रास्ते पर नाला होने से झोली में एंबुलेंस तक लाने में परेशानी हुई। फलिये तक बाइक ले जाने के लिए ग्रामीणों ने पहाड़ की कटिंग कर रास्ता बनाया था, जो बारिश में खराब हो गया है।
