पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट
पेटलावद ।दो-तीन दिन पूर्व पूरे क्षेत्र में हरियाली अमावस्या के समय लोगों के द्वारा प्रकृति के प्रति अपने सद्भावना व्यक्त करते हुए हरे वृक्ष के पौधे लगाए और उन पौधों को बड़ा करने का संकल्प भी लिया। वही मंगलवार को पेटलावद क्षेत्र के एसडीएम शिशिर गेमावत के द्वारा शासन की महत्वकांक्षी अंकुर योजना के तहतएवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा पेटलावद क्षेत्र के अंतर्गत लगभग 1000 पौधे लगाने का संकल्प आगे बढ़ाते हुए स्थानीय सिविल अस्पताल में वृक्षारोपण किया गया एवं इसके अलावा तहसीलदार जितेन अलावा और अन्य अधिकारियों के द्वारा कर्णावत क्षेत्र में ही स्थित मॉडल स्कूल में वृक्षारोपण किया गया। जिसके फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के साथ ही साथ स्थानीय रूप से समाचार प्रमुखता से प्रकाशित भी हुए ।
*काटा हरा वृक्ष*
एक और तो शासन प्रशासन ,आमजन प्रकृति के प्रति अपनी आस्था और प्रेम प्रकट करते हुए पौधे लगाकर
पौधों को बड़ा करके भविष्य की ओर मजबूती तैयार कर रहा है। वहीं कुछ लोग हरे-भरे फलदार छायादार वृक्षों को काटकर उनकी निर्मम हत्या करने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं ऐसा ही एक मामला मंगलवार को क्षेत्र में देखने को मिला ।
*लोग हुएआहत*
पेटलावद से करडावद मार्ग पर नेशनल हाईवे पर स्थित एक निजी पेट्रोल पंप जोकि कमलेश बम के नाम से संचालित किया जाता है उक्त पेट्रोल पंप के परिसर में एक बड़ा नीम का पेड़ था जो वर्षों पुराना होकर इस वृक्ष को व्यवसायिक के द्वारा लालच में आकर निर्मम ता के साथ काट कर धराशाई कर दिया। जिसके चलते आसपास के लोगों के मन में बड़ा दुख हुआ । और लोगों का कहना है कि नीम के पेड़ को को उनके बुजुर्गों के द्वारा लगाया गया था तब यहां पर पेट्रोल पंप भी नहीं बना था लेकिन व्यवसायिक के द्वारा अपने निजी स्वार्थों के चलते हरे-भरे वृक्षों को काटकर जमींदोज कर दिया गया।
*बना पंचनामा*
इस पूरे मामले में जब कुछ लोगों के द्वारा प्रशासन को सूचना दी गई तो तत्काल आनन-फानन में जिला कलेक्टर सोमेश मिश्रा एवं एसडीएम शिशिर गेमावत निर्देश पर बुधवार को तहसीलदार जितेन अलावा मौके पर जांच करने के लिए पहुंचे और उनके द्वारा मौके पर हरी नीम के वृक्ष को कटा हुआ पाकर मौके पंचनामा बनाकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। उल्लेखनीय है कि मंगलवार को तहसीलदार अलावा ने मॉडल स्कूल में वृक्षारोपण किया उससे कुछ कदम दूरी पर ही यह पेट्रोल पंप स्थित है।
*करोड़ों की सरकारी जमीन पर भी निगाह*
वहीं दूसरी ओर इसी पेट्रोल पंप संचालक के द्वारा करोना काल से पूर्व अपने पेट्रोल पंप के परिसर की आड़ में बेशकीमती करोड़ों रुपए की सरकारी जमीन को अपने कब्जे में लेकर घूमती आदि लगाने का प्रयास भी किया गया था जिसके संबंध में स्थानीय मीडिया के द्वारा समाचार प्रकाशित किया गया था और उसके बाद एसडीएम द्वारा दल गठित करते हुए सीमांकन दल भेजा गया था व सीमांकन दल के द्वारा उक्त जमीन सरकारी जमीन बताई गई थी ।लेकिन सीमांकन होने के लगभग 4 माह बाद भी आज दिनांक तक स्थानीय राजस्व विभाग के प्रशासनिक अधिकारियों ने उक्त जमीन को अपने कब्जे में ली है और ना ही तार फेंसिंग की है ।
*शासन करें तार फेंसिंग*
वहीं आसपास के क्षेत्रों में लगातार अतिक्रमण की शिकायतें बढ़ती जा रही है जिस पर प्रशासन के द्वारा कार्रवाई की जा रही है इस मामले में स्थानीय लोगों के द्वारा सरकारी जमीन सरकार से तार फेंसिंग कर अपने कब्जे में लेने की मांग की औरलोगों के द्वारा मांग की जा रही है कि प्रशासन सरकारी जमीन पर भी तार फेंसिंग करके अपने कब्जे में ले अन्यथा यह रसूखदार टू मथुराधीरे-धीरे इस जमीन पर कब्जा कर लेगा क्योंकि इस सरकारी जमीन पर पेट्रोल पंप वसई परमात्मा के साथ कई अन्य लोगों की भी निगाहें लगी हुई है जो शासन प्रशासन को गुमराह करते हुए इस सरकारी बेशकीमती जमीन पर अपना कब्जा जमाना चाहते हैं।
