मांस-मटन कि 40 अवैध दुकानों पर हो कार्यवाही, किया जाए लायसेंसधारियो की स्लाटर हाउस में शिफ्ट..... नगर की फिजा सुधारने ओर सौंदर्यीकरण के लिये जरूरी है कार्यवाही....... 23.50 लाख खर्च कर , प्रशासन कर रहा है ,उत्तम व्यवस्था.....

 



पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट


पेटलावद। नगर के मेला ग्राउंड रोड़ पर नगर परिषद द्वारा मांस, मछली और मटन की दुकानों के लिए स्लाटर हाउस को लेकर नगर परिषद और शिकायतकर्ताओं के बीच ठन गई है और इस मामले में दुष्प्रचार के आरोप लगाते हुए धर्म रक्षा समिति के सदस्यों के द्वारा मोर्चा संभाल लिया गया है,  और पूरे मामले में प्रशासन के द्वारा निष्पक्ष कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया जा रहा है। 


यह पूरा मामला....


लगभग 10 वर्ष पूर्व नगर में मांस मछली और मटन विक्रेताओं को एक निश्चित स्थान पर बैठने के लिए और परिषद के द्वारा निकाय निधि  से लगभग 21 लाख रुपए खर्च करते हुए पक्की दुकानें बनाई गई थी और उसके पश्चात जिला स्तरीय प्राप्त अनुमोदन और फंड से 1.5 लाख रुपए का खर्च करते हुए टिन शेड बनाया गया था इस तरह से इस स्लाटर हॉउस पर सरकार और परिषद ने लगभग 23 लाख 50 हजार रुपये खर्च किये है। इन दुकानों ओर टिन शेड की संख्या लगभग 28 है और उक्त 28 दुकानों में नगर परिषद की ओर से 14 दुकाने मुर्गा मुर्गी के विक्रय हेतु,  5 दुकाने बकरा -बकरी के विक्रय एवं 9 दुकाने मछली के विक्रय के लिए आरक्षित कर निश्चित कर रखी है ।


अब तक नही  हुए शिफ्ट....


इन दुकानों पर लगभग 23.30 लाख रुपए से अधिक का खर्च करने के बावजूद आज दिनांक तक इस स्थान पर मटन ओर मछली के  दुकानदारों के द्वारा व्यवसाय नही करते है,आबादी ओर भीड़ भाड़ के इलाकों में खुलेआम व्यवसाय किया जा रहा है 


 धार्मिक भावनाएं आहत हो रही....


इस संबंध में हिन्दू जागरण मंच  के सदस्यों के द्वारा बताया की नगर के राजापूरा स्थित पुरातन श्री तेजाजी महाराज मंदिर के समीप आसपास इन मटन विक्रेताओं के द्वारा दुकाने लगाकर जहां धार्मिक भावनाओं को आहत किया जा रहा है और खुले में गंदगी और मच्छरों को पनपने से लोगों को बीमारियां भी हो रही है। साथ साथी तेजाजी मंदिर के आसपास अवैध रूप से ओखला और मकान बनाकर मंदिर की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास भी किया जा रहा है।



वार्ड 11 में भी दिक्कते.....


 वही नगर के वार्ड क्रमांक 11 में कहार समाज के लोगों के द्वारा खुलेआम मछली का विक्रय किए जाने से आसपास के  शाकाहारी  लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं दिनभर इन मछली विक्रेताओं के द्वारा बाजार लगाने और खरीदारों की भीड़ भाड़ के  चलते महिलाओं और अन्य लोगों का आवागमन भी मुश्किल हो जाता है।


लायसेंस ओर पशु चिकित्सक का सर्टिफिकेट आवश्यक.....


 उल्लेखनीय है कि अधिकांश शहरों में मांस और मछली विक्रय के लिए शहर से बाहर दुकान में लगाए जाने का  नियम सरकार के द्वारा बना रखा है और ये मार्केट अन्य व्यापारियों की अपेक्षा अलग ही लगाए जाने का  प्रावधान है। वही इन व्यापारीयो को व्यावसाय हेतु अलग से लायसेंस भी लेना होता है, ओर कटाई से पूर्व पशु को कोई बीमारी तो नही है जो कि सेवन करने वाले के स्वास्थ पर विपरीत प्रभाव न डालें इसके सम्बन्ध में  पशु चिकित्सक  से सर्टिफिकेट  भी लेने  का प्रवधान है।


नहीं है किसी के पास लायसेंस .....


बात करें आंकड़ों की तो वर्ष 2005 में पेटलावद में मटन मछली विक्रय करने वाले कुल 6 लोगो  नगर परिषद के रिकॉर्ड अनुसार पंजीकृत  हैं जिनको अधिकृत रूप से लाइसेंस मटन मछली विक्रय करने का दिया गया था।  वर्ष 2011 के बाद किसी भी मछली या मटन विक्रेता के द्वारा न तो इस प्रकार लाइसेंस  जारी नही किया और नही 2011 के बाद 6 लोगो ने भी लायसेंस को रिन्यूवल नही करवाया है और ना ही पिछले 10 वर्षों में किसी को नगर परिषद के द्वारा लाइसेंस जारी किया गया है । उल्लेखनीय है कि वर्तमान में इस लाइसेंस को जारी करने के प्रावधान भी अलग से शासन के द्वारा निर्धारित किए गए हैं।  इस तरह से वर्तमान में जो 40 से अधिक दुकाने मटन ओर मछली की संचालित की जा रही है,  वे  बिना किसी सरकारी अनुमति के चलाई जा रही है जो  एक तरह से अवैध रूप से संचालित हो रही है, जिसे यदि प्रशासन चाहे तो तत्काल बन्द भी करवा सकता है।


सीएम को  शिकायत.....


  पेटलावद क्षेत्र के रहने वाले राहुल अटकान, अरविंद राठौड़, राकेश प्रजापत, निलेश चौहान ,राहुल चरपोटा, विक्रम कुंडिया ,यश पंवार, शुभम पवार, अशोक प्रजापत, निलेश चौहान  के द्वारा दिनांक 3 अगस्त को मुख्यमंत्री ऑनलाइन पर लिखित शिकायतें अलग-अलग रूप से इस संबंध में धार्मिक और मंदिर क्षेत्र से दुकान हटाकर  स्लाटर हाउस में दुकानें शिफ्ट करने के लिए शिकायत की गई थी। वही इन्हीं सदस्य और धर्म रक्षा समिति के बैनर तले दिनांक 12 अगस्त 2021 को पेटलावद के एसडीएम शिशिर गेमावत को भी इस संबंध में ज्ञापन और आवेदन सौंपा था। जिसमें इन दुकानों को हटाने के अलावा तेजाजी मंदिर के पास में बने हुए अवैध ओटले एवं मटन की दुकान को भी हटाने का मांग आवेदन में की गई थी। 12 अगस्त को ज्ञापन सौंपने के पश्चात एसडीएम के द्वारा जल्द ही इस मामले में दुकानदारों को शिफ्ट करने का आश्वासन दिया था।



सोमवार को हुई बैठक....


 नया मोड़ उस समय आया जब इतनी सारी शिकायतों का ऑनलाइन पर होने के बाद नगर परिषद के सीएमओ एवं प्रशासन पर इन शिकायतों के निराकरण का दबाव बना , तब आनन-फानन में सोमवार को स्थानीय नगर परिषद के हाल में पेटलावद के एसडीएम शिशिर गेमावत के नेतृत्व में तहसीलदार जगदीश वर्मा और नगर परिषद के अधिकारियों की उपस्थिति में मटन और मछली विक्रेताओं सहित शिकायतकर्ताओ की एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जहां बैठक से पूर्व शिकायतकर्ताओ को बैठक से बाहर करते हुए मटन और मछली विक्रेताओं की समस्याओं को सुना गया।


व्यवसायियो की मांग भी मानी.....

 मटन मछली विक्रेताओं के द्वारा शासन को उक्त स्थान पर लाइट पानी और साइड की दीवार  अन्य व्यवस्थाओं करने के लिए निवेदन किया जिसको देखते हुए नगर परिषद को पर्याप्त व्यवस्था किए जाने के लिए निर्देशित भी बेठक में एसडीएम गेमावत ने दिए।


प्रशासन कर रहा उचित व्यवस्र्था....


 उल्लेखनीय है कि जिस स्थान पर स्लाटर हाउस और मटन मछली की दुकानें नगर परिषद के द्वारा बनाई गई है वह नगर परिषद में नगर में एक तरफ क्षेत्र है जहां सिर्फ आंगनवाड़ी बनी हुई है और आबादी से दूर स्थान है जहां पर किसी भी व्यक्ति को इन दुकानों को संचालित किए जाने में न तो आम नागरिकों को और ना ही दुकानदारों को कोई भी समस्या नहीं आएगी। 


अपशिष्ट का भी बेहतर प्रबन्धन....

वहीं वर्तमान बिना लाइसेंस के अवैध रूप से मांस मटन  मछली बिक्री करने वाले दुकानदारों के द्वारा जो मांस मछली का जो अपशिष्ट होता है उसे वर्तमान में खुलेआम पपावती नदी में डालकर दूषित किया जाता है। इस समस्या का हल निकालते हुए नगर परिषद के द्वारा जल्द ही एक अलग से कुआं खोदकर इस अपशिष्ट को डालने की व्यवस्था की जा रही है। यदि यह व्यवस्था पूर्ण रुप से लागू हो जाती है तो न सिर्फ इस समस्या से निजात मिलेगी वहीं धार्मिक स्थान सुरक्षित होने के साथ-साथ पपावती नदी भी का भी सौंदर्यीकरण बढेगा।



निजी स्वार्थ के लिये दुष्प्रचार....


  उल्लेखनीय है कि पेटलावद के अधिकांश लोग स्लाटर हाउस में दुकाने शिफ्ट करने के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं लेकिन मटन और मछली विक्रेताओं के ऊपर कुछ राजनीतिक  ओर समाजिक लोगों के द्वारा पिछले कई वर्षों से राजनीति कर अपनी राजनेतिक  रोजी-रोटी वर्षो से  चलाई जा रही है जिसके चलते नगर में शिकायतकर्ता और धर्म रक्षा समिति के लोगों के ऊपर नगर की फिजा बिगाड़ने का आरोप लगाया जा रहा है जबकि अधिकांश लोगों का यह मानना है कि इस पूरे मामले में यदि प्रशासन अच्छी पहल करते हुए दुकानदारों को निश्चित स्थान पर शिफ्ट करता है लोगों की धार्मिक भावनाएं सुरक्षित रहेगी।   


फिजां नही सौंदर्यीकरण बढेगा....

इस पूरे मामले में हिंदू जागरण मंच के सदस्यों के द्वारा अपनी बात रखते हुए बताया गया कि यदि स्लाटर हाउस और मटन की दुकान  नगर के बीचो-बीच से निश्चित स्थान पर शिफ्ट की जाती है तो उसे से नगर  की फिजा  नहीं बिगड़ेगी,  बल्कि नगर का सौन्दर्यीरीकरण होगा और आम लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत  होने से बचेगी ।और नगर हित में हो रही इस स्लाटर  हाउस के शिफ्टिंग की प्रक्रिया को आमजन के और प्रशासन के सहयोग से शिफ्ट करना चाहिए। 


बन्द हो या शिफ्ट हो.....


इस संबंध में    शिकायतकर्ता राहुल अटकान , राहुल चरपोटा, राकेश प्रजापत, यश पवार ,अशोक  प्रजापत ,विक्रम कुंडिया, अरविद रॉठोर, नीलेश चौहान, के द्वारा मांग की गई यदि मांस मटन और मछली विक्रेताओं के पास में उक्त व्यवसाय करने का लाइसेंस ही नहीं है तो अवैध प्रकार से किए जा रहे इस व्यापार व्यवसाय को तत्काल बंद करना चाहिए। अन्यथा लोगों की धार्मिक भावनाओं को देखते हुए इन विक्रेताओं को तय स्थान पर शिफ्ट किया जाय!


की जा रही है व्यवस्था....


  इस सम्बंध में *एसडीएम शिशिर गेमावत* ने बताया कि सोमवार को बेठक में मटन मछली विक्रेताओं की समस्याओं को चिन्हित करते हुये पानी, लाइट आदि की व्यवस्था जल्द करते हुए उन्हें स्लाटर हाउस में शिफ्ट किया जाएगा।


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