पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट
पेटलावद। विकासखंड की बड़ी पंचायतों में से एक बड़ी ग्राम पंचायत बामनिया है, जो कि पिछले कुछ समय से पेटलावद क्षेत्र की राजनीति का केंद्र बिंदु भी बनी हुई है, क्योंकि पेटलावद क्षेत्र के भाजपा का संचालन करने वाले मंडल अध्यक्ष सोनू मांडोत भी बामनिया क्षेत्र से ही बिलॉन्ग करते हैं और इसी राजनीतिक पहचान और विवाद के चलते बामनिया की ग्राम पंचायत पर वहां के ही कुछ लोगों के द्वारा खुद को बेसहारा और परेशान करने का बड़ा आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए एसडीएम शिशिर गेमावत को आवेदन सौंपा है।
*आवेदन सोपकर सुनाई व्यथा*
ग्राम पंचायत बामनिया के रहने वाले रमेश, अंकित, इमरान ,सचिन ,राजेश सुनील,सलीम ,सुमित्रा ,कांता ,उस्मान, गुलाम मोहम्मद आदि के द्वारा गत दिनों पेटलावद एसडीएम शिशिर गेमावत को जनपद कार्यालय एवं एसडीएम कार्यालय में उपस्थित होकर एक लिखित आवेदन सोपते हुए बताया कि वे लोग लगभग 50 वर्षों से बामनिया के मुख्य मार्ग पर मनिहारी, कटलरी एवं कपड़ों की दुकान लगाकर उनका और उनके गरीब परिवार का भरण पोषण करते है लेकिन बामनिया के फल सब्जी व्यापारियों से रास्ता जाम होने के चलते वहां से स्थान परिवर्तन करते हुए चिकित्सालय के सामने बिठाया गया है, और उसी के साथ हम लोगों को भी वहां से हटाकर क्षेत्र में बैठने के लिए मजबूर किया जा रहा है।लेकिन हम लोगो का न तो व्यापार इस स्थान पर नही चल सकता, ओर भूखों मरने कि नोबत आगयी है।हमने बाजार से कर्ज भी ले रखा ओर व्यापार ठप्प होने से किस्तें भरना भी मुश्किल हो गया है
*लगाए आरोप*
आवेदकों के द्वारा आरोप लगाते हुए बताया कि उन लोगों पर ग्राम पंचायत के सरपंच और उपसरपंच के द्वारा जलन की भावना रखते हुए कार्रवाई करते हुए उन्हें जबरन हटाया जा रहा है और उनकी रोजी-रोटी छीनी जा रही है। वहीं पुलिस चौकी में जबरन रिपोर्ट डालकर झूठे प्रकरण बनाए जाने और दबाव बनाने का प्रयास करते हुए निर्दोष लोगों को जेल भेजने की कार्रवाई भी सरपंच और उपसरपंच के द्वारा की जा रही है।
*मण्डल अध्यक्ष पर भी साधा निशाना*
उल्लेखनीय है कि इस पूरे मामले में लोगों के द्वारा आरोप लगाया गया कि भाजपा मंडल अध्यक्ष सोनू मांडोत ओर उपसरपंच लोकेन्द्र कटकानी के इशारे पर बामनिया पुलिस चौकी में आवेदकों के खिलाफ जबरन कार्रवाई करवाई जा रही है और इस पूरे मामले में मंडल अध्यक्ष सोनू मंडल के द्वारा राजनीतिक का दबाव बनाते हुए पुलिस के माध्यम से पीड़ितों की रोजी-रोटी छीनने का प्रयास किया जा रहा है
*रख रहे द्वेषता*
पीड़ितों के द्वारा अपने आवेदन में यह भी बताया कि उनके और उनके परिवार के बच्चों के भरण-पोषण के लिए रोज 2 जून की रोटी कमाना मुश्किल हो रहा है। ऐसी स्थिति में ग्राम पंचायत बामनिया के द्वारा जो राजनीतिक दबाव बनाकर कार्रवाई की जा रही है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए और उन्हें नियत स्थान पर बैठने की अनुमति दी जाए।
*प्रशासन ने की है व्यवस्था*
इस संबंध में ग्राम पंचायत की *सरपंच रामकन्या मखोड़* के द्वारा बताया गया कि प्रशासन के निर्णय पर सभी व्यापारियों को चिकित्सालय के सामने खाली मैदान में बैठने के लिए जगह दी गई है, सभी लोग वहां बैठकर व्यापार कर सकते हैं।
*ताकि सुधरे नगर की व्यवस्था*
इस संबंध में ग्राम पंचायत बामनिया के *उपसरपंच लोकेंद्र कटकानी* के द्वारा बताया गया कि शिकायतकर्ताओं के द्वारा जबरन झूठी शिकायत की जा रही है ,पंचायत में अन्य व्यापारी भी है जिन्हें किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं है , इन लोगों के द्वारा जबरन असत्य आवेदन प्रस्तुत किया गया है।
*हो रही राजनीति*
इस पूरे मामले में भले ही दोनों पक्ष आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं और स्थिति भले ही कुछ भी लेकिन इन दिनों ग्राम पंचायत बामनिया में एक तरफा राजनीति के चलने के कारण कई लोग दबी जुबान में इस पूरे मामले में एकतरफा कार्रवाई और राजनीतिक रंग होना भी बता रहे!
*मुखिया बना रहे है गरीबो के भलाई की योजनाएं*
उल्लेखनीय है कि देश के मुखिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान जहां गरीब लोगों को रोटी, कपड़ा और मकान जैसी मूलभूत व्यवस्था देकर उनका जीवन पटरी पर लाने का प्रयास कर रहे हैं और कई जनकल्याणकारी योजनाएं इनके भलाई के लिए बना रहे हैं ।
*नेता समझे जनता का दर्द*
ऐसे में सत्ताधारी दल के लोगों के द्वारा गरीब लोगों के व्यापार व्यवसाय को प्रभावित करने से आने वाले चुनावों में सत्ताधारी दल को नुकसान भी उठाना पड़ सकता है वैसे भी आने वाले दिनों में ग्राम पंचायत के चुनाव होने की तैयारी चल रही है यदि समय रहते हुए गरीब और आमजन से सत्ताधारी लोगों के द्वारा जुड़ाव नहीं किया जाता है और उनकी समस्याओं को सुनकर निराकरण नहीं किया जाता है तो सत्ताधारी भले ही फिर पानी की तरह पैसा बर्बाद कर दे वापस सत्ता में आना मुश्किल पड़ेगा।
देखना होगा कि आने वाले समय में प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करता है। पूरे मामले हमारी निगाह बनी रहेगी।
