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पेटलावद| रविवार को अंकुर अभियान के तहत पेटलावद के एसडीम शिशिर गेमावत,तहसीलदार जगदीश वर्मा, सीएमओ अशोक कुमार चौहान और नगर परिषद का अमला ,अध्यक्ष ,पार्षद ओर जनप्रतिनिधि तथा कर्मचारियों नगर के वार्ड क्रमांक 13 में स्थित पपावती नदी के बाद स्थानीय मेला ग्राउंड पर बने हुए ट्रेचिंग ग्राउंड पर पहुंचे और उसकी साफ सफाई का जायजा लिया
वहीं मेला ग्राउंड में ही ट्रेचिंग ग्राउंड पर ही अधिकारियों कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में एसडीएम द्वारा पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित करते हुए पौधारोपण भी किया गया ।
राह तकता मटन मार्केट....
उल्लेखनीय है कि जिस मार्ग से होकर राजस्व एवं नगर परिषद का काफिला होकर गुजरा उसी वार्ड क्रमांक 13 में नदी के इस छोर पर शासन के द्वारा लाखों रुपए खर्च करके बनाया गया मटन मार्केट भी बनकर तैयार खड़ा हुआ है ।
नागरिक समझे के साहब करेंगे मुआयना....
जब राजस्व विभाग नगर परिषद के अधिकारियों, अध्यक्ष एवं पार्षदों की गाड़ियां इस मार्ग से होकर गुजरी तो मोहल्ले वासी समझे कि शायद पूरा राजस्व और नगर परिषद का अमला मटन मार्केट की शुरुआत करने की प्रक्रिया के लेकर मुआयना करने आया है, लेकिन पूरे वार्ड वासी प्रशासन के काफिले का मुंह ताकते रह गए और प्रशासन मटन मार्केट की साइड से होकर वापस लौट गया।
लाखो रुपये हुये है खर्च....
कई वर्षों से बनकर तैयार इस मटन ओर मछली मार्केट में कुछ समय पूर्व एसडीएम के द्वारा मटन मछली विक्रेताओं को बिठाया गया था ।लेकिन कुछ संसाधनों और मौके पर कुछ साधनों की कमी के चलते पुनः परिषद से तालमेल बिठाकर मटन मछली विक्रेता वापस खुले में अपने घरों पर ही मटन और मछली विक्रय करने लगे ।
वही नगर परिषद के द्वारा इस पूरे मामले में मौके पर मटन मछली विक्रेताओं की मांग के अनुसार निर्माण किए जाने के लिए समय मांगा था ।
मांग अनुसार पूरा हुआ निर्माण....
वही जिस प्रकार के निर्माण की मांग मटन मछली विक्रेताओं ने की थी वह निर्माण कार्य हुएभी लगभग 2 माह से अधिक का समय हो गया है और अब भी मटन मार्केट वापस पुनः प्रारंभ होने की का इंतजार कर रहा है ।
आमजन भोग रहे तकलीफ....
वही आज भी मटन मछली विक्रेता खुलेआम मटन और मछली विक्रय करते हे जिससे आसपास के लोगों के लिए न सिर्फ परेशानियों का सबब बना हुए हैं , वही गंदगी और मच्छरों से रहवासी परेशान होने को मजबूर है । ओर नर्क की यातना झेलने को मजबूर है, लेकिन जिमेदारो को जनता की पीड़ा और तकलीफ से कोई सरोकार ही नही।
ईमानदारी से प्रयास की है जरूरत.....
यदि नगर परिषद और जिम्मेदार अधिकारी चाहते तो इसी मार्ग में लौटते समय मटन मार्केट को भी शुरू करने की कवायद शुरू की जा सकती थी लेकिन यहां जनप्रतिनिधियों ओर जिम्मेदार अधिकारीयो को न तो जनता की समस्याओं से कोई सरोकार है और नही सरकार के लाखों रुपये बर्बाद हो रहे। लेकिन नगर के जिमेदार सिर्फ जनता की समस्या को सुलझाने का दावा करते है लेकिन ईमानदार प्रयास कोई नही करना चाहता है
