पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट
पेटलावद 28 नवम्बर से प्रारंभ होने वाली श्रीमद्् भागवत को लेकर तैयारियों का दौर जारी है। स्थानीय भजनाश्रम गुरूद्वारा पर तैयारियां युद्व स्तर पर चल रही है। धार्मिक आयोजन को लेकर नगर में हर वर्ग,हर समुदाय व संस्था के साथी सहयोग कर रहे है। प्रतिदिन होने वाले यज्ञ के लिए यज्ञशाला बन कर तैयार है। वहीं कथा व्यास पीठ का कार्य भी प्रगती पर ही है। गुरूद्वारा मंदिर को सजाया जा रहा है। वहीं अन्य तैयारियों को लेकर कार्यकर्ता अपने स्तर से प्रयास कर रहे है। मंदिर के आसपास साफ सफाई की व्यवस्था का जिम्मा नगर परिषद ने उठा रखा है।
*कलश यात्रा की तैयारियां व अपील।*
वहीं कलश यात्रा के लिए महिला मंडल भी अपनी तैयारियां कर रही है। कलश सजाना व अन्य व्यवस्था को लेकर सभी सक्रिय है। महिला मंडल ने घर घर जा कर कलश यात्रा व श्रीमद् भागवत के लिए सभी को आमंत्रण दिया है।
*कलश यात्रा का पथ*
कलश यात्रा स्थानीय निलकंठेश्वर महादेव मंदिर से प्रारंभ होगी। जिसमें सबसे आगे बेंड, दो घोडे व कलश लिए महिला व कन्याएं चलेगी। इसने पीछे भागवत महारानी की पुस्तक को उठाकर मुख्य यजमान परिवार व साथ में कथा व्यास पं. श्रीहरि रमाकांत शुक्ला व सह यजमान सहित पुरूष गण रहेगें। उसके पीछे बग्घी में भगवान कृष्ण की प्रतिमा और गुरूदेव का चित्र रखा जाएगा। इसके पीछे डीजे पर भजन गाती हुई महिलाओं का समूह चलेगा।
यात्रा मंदिर से प्रारंभ हो कर पुराना बस स्टेंड से गणपति चौक होते हुए झंडा बाजार, पिपाडा गली, सुभाष मार्ग से अम्बिका चौक होते हुए भजनाश्रम गुरूद्वारा पहुंचेगी।
यात्रा को सफल बनाने के लिए समिति द्वारा नगर सहित आसपास की धर्मप्रेमी जनता से अपील की है।
श्रीमद् भागवत सप्ताह में सुबह 7 बजे से वेद मंत्रो से यज्ञ का शुभारंभ होगा तो दिन भर भागवत पाठ का रसापान करवाया जाएगा इसके साथ ही रात्रि में प्रतिदिन गरबों का आयोजन रखा गया है। इस प्रकार सुबह से रात तक 9 दिवसीय भक्तिमय माहौल बनाया जा रहा है। जिसके लिए अधिक से अधिक संख्या में श्रद्वालुओं से आयोजन में पधारने की अपील की जा रही है।
निमंत्रण का दौर जारी.....
वहीं निमंत्रण के दौर में समिति द्वारा नगर के माधव कालोनी स्थित शंकर मंदिर समित व श्री पंचमुखी बालाजी सुंदरकांड मंडल,लायंस क्लब सेंट्रल, लायंस क्लब ग्रेटर,श्री गोविंद गो सेवा समिति,अग्रवाल समाज, सोनी समाज, टेलर समाज,सनातन सेवा आश्रम, प्रजापति समाज, सुभाष मार्ग मित्र मंडल, राजपूत समाज, नागर समाज, श्री रामशरणम सदस्य व कहार समाज को आमंत्रण दिया गया।

