झाबुआ गरीब बच्चों के पोषण आहार मैं भ्रष्टाचार और जिला पंचायत की फर्जी जांच..... भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ लोकायुक्त में शिकायत अब लोकायुक्त कसेगा शिकंजा ...... (RTI) आरटीआई मैं मांगी गई जानकारी में वर्षों से जिला पंचायत में जमे अधिकारी नये जिला सीओ को कर रहे गुमराह......

 

 झाबुआ से राज मेड़ा की रिपोर्ट

मध्यप्रदेश शासन भोपाल द्वारा झाबुआ जिले के गरीब आदिवासी बच्चों को अतिरिक्त पोषण पौष्टिक आहार के रूप में दिए जाने वाले पोषण आहार में भी फर्जी रिकॉर्ड बना करके जिला पंचायत और जिला पंचायत के अधीनस्थ ही आजीविका मिशन परियोजना अधिकारी एवं कर्मचारी तथा सर्व शिक्षा अभियान से जुड़ी संस्थाओं द्वारा झाबुआ जिले के ईजीएस स्कूलों के नाम पर भारी भ्रष्टाचार किया गया था जिसकी शिकायत की जांच को लगभग 2 साल हो गए थे जिसके बाद में आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगी गई थी जिसमें तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन द्वारा तुरंत आनन-फनन में 2 साल बाद उनके ही कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार की शिकायत की जांच कमेटी बनाई गई थी जांच कमेटी के रूप में जिला लेखा अधिकारी राजेंद्र सोलंकी और तत्कालीन अपर कलेक्टर अभय खराड़ी को शामिल किया गया था जिला पंचायत के लेखा अधिकारी राजेंद्र सोलंकी को जांच में शामिल करने को लेकर शिकायतकर्ता द्वारा आपत्ति दर्ज करवाई गई थी जिसके बाद बिना विभागीय नोट सीट चलाए ही तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन द्वारा जिला पंचायत झाबुआ में पदस्थ लेखाधिकारी पंकज डावर को जांच करने के लिए राजेंद्र सोलंकी को हटाकर के नियुक्त किया थाा

तत्पश्चात जांच कमेटी में शामिल अपर कलेक्टर झाबुआ का स्थानांतरण भोपाल हो जाने के बाद में लाखों रुपए की जांच अकेले ही जिला पंचायत झाबुआ के लेखा अधिकारी पंकज डावर द्वारा ऑफिस में बैठकर ही कर ली गई थी उनके द्वारा संबंधित अधिकारी कर्मचारी बचत समूह के कोई भी कथन एवं आरटीआई में प्राप्त 2017 के दस्तावेजों जो शिकायत के समय दिया गए थे उसके ऊपर जांच नहीं की गई और कुटरचीत तरीके से बनाए गए जांच प्रतिवेदन को लेकर के शिकायतकर्ता द्वारा लोकायुक्त समाधान भवन इंदौर भोपाल में शिकायत प्रमाणित दस्तावेजों के साथ में की गई है और शिकायत में तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ झाबुआ वर्तमान मे पदस्थ नगर निगम इंदौर एवं जिला लेखा अधिकारी पंकज डावर तत्कालीन परियोजना अधिकारी आजीविका मिशन झाबुआ विशाल राय एवं सर्व शिक्षा अभियान झाबुआ की संस्थाओं से जुड़े अधिकारी के खिलाफ की गई है की गई है

जांच प्रतिवेदन में गलत जानकारी जिला लेखा अधिकारी द्वारा प्रस्तुत की गई...

पोषण आहार भ्रष्टाचार मैं शिकायतकर्ता द्वारा जो दस्तावेज शिकायत की जांच करने के लिए प्रस्तुत किए गए थे उस पर जिला लेखा अधिकारी पंकज डावर द्वारा जांच नहीं करते हुए और फर्जी तरीके से अन्य दस्तावेज वर्ष 2014 के शामिल किए गए जिसका संबंध शिकायत के बिंदुओं में नहीं था और जो दस्तावेज दिए गए थे उसको जांच करते समय प्रतिवेदन में शामिल नहीं किया गया था

वर्षों से जमे अधिकारी नए जिला पंचायत सीईओ को सूचना के अधिकार मैं मांगी गई जानकारी में कर रहे गुमराह

जिला पंचायत झाबुआ में वर्षों से जिम्मेदार पद पर जमे अधिकारी नवागत जिला पंचायत सीईओ झाबुआ को कई प्रकरणों में गुमराह कर रहे हैं पोषण आहार और जांच प्रतिवेदन में दर्शाए गए जांच प्रतिवेदन से संबंधित पत्रों की जानकारी मैं भी भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा जिला पंचायत सीईओ को गुमराह किया जा रहा है ऐसे ही एक मामले में आरटीआई में जिला आजीविका मिशन पत्र क्रमांक 345 दिनांक 7 /4/ 2022 जांच लेखा अधिकारी जीला पंचायत झाबुआ/ दिनांक- 3/3/ 2022/ जांच प्रतिवेदन कॉलम नंबर दो (2) मैं लेखा अधिकारी द्वारा अंबे माता स्व सहायता समूह पीपल देहला को एक बार ही राज्य स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण भोपाल से राशि 24 लाख 34 हजार 197 रुपए प्राप्त हुए थे दर्शाया गया है एक बार ही प्राप्त हुई राशि के वित्तीय वर्ष 2017 के पत्र भोपाल राज्य स्वच्छ भारत मिशन सहित जिला पंचायत आजीविका मिशन झाबुआ प्राप्त राशि की नोटशीट एवं एक ही वर्ष एवं संबंधित दिनांक मैं प्राप्त बैंक स्टेटमेंट की सत्यापित प्रति चाही गई थी

जांच प्रतिवेदन बिंदु क्रमांक 6 में दर्ज पत्र क्रमांक 10924 / 22/ एमडीएम/ 2017 /दिनांक 7 /9/2017 समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन सतपुड़ा भवन भोपाल और राज्य आजीविका मिशन भोपाल के पत्र क्रमांक /2279/ दि. 28/6/2019/ संबंधित जांच में शामिल पत्रों की सत्यापित प्रति

जांच प्रतिवेदन मे शामिल अंतिम पृष्ठ निष्कर्ष नीराकरण एमडीएम भोपाल का पत्र क्रमांक 10924/ दि. 7/9/2014 सीईओ राज्य आजीविका मिशन भोपाल का पत्र क्रमांक 2279 दि. 28/6/2019 के संबंधित पत्रों की सत्यापित प्रति

जिला पंचायत सीईओ झाबुआ द्वारा जांच प्रतिवेदन संबंधित प्रथम पृष्ठ से अंतिम पृष्ठ जांच दल गठित एवं अंतिम निराकरण की नोटशीट की सत्यापित प्रति चाही गई थी
लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा नवागत जिला पंचायत सीईओ को गुमराह करते हुए संबंधित को जानकारी राज्य सूचना के नाम पर प्रदान की जा चुकी है लेकिन इस प्रकार की कोई भी जानकारी जांच प्रतिवेदन से संबंधित होकर शिकायतकर्ता को नहीं दी गई है और भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा आरटीआई एक्टिविटीज और जिला पंचायत सीईओ और राज्य सूचना आयोग भोपाल को भी पत्र के माध्यम से गुमराह किया जा रहा है

 

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