पेटलावद से हरिश राठौड़ / मनोज पुरोहित की रिपोर्ट
पेटलावद| पेटलावद सिविल अस्पताल में पदस्थ ऑन ड्यूटी चिकित्सक से विवाद और सरकारी कार्य मे बाधा डालने के बाद पुलिस थाना पेटलावद में तीन लोगों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है ।
डॉ डॉवर ने करवाई रिपोर्ट दर्ज....
प्राप्त जानकारी के अनुसार डॉ अविनाश डॉवर ने पेटलावद थाने में एफआइआर दर्ज करवाते हुए बताया कि में सिविल अस्पताल में पदस्थ हु ओर घटना दिनाक 4 जनवरी शाम 07 बजे इमरजेंसी ड्यूटी पर था और वाहन दुर्घटना में एक 15 वर्षीय बालक कान्हा कृष को उसके परिजन रवि उर्फ रोहित खवासा का इलाज हेतु लेकर आये और प्राथमिक उपचार के बाद गम्भीर चोट होने से ओर 108 तथा एम्बुलेंस की व्यवस्था कर के शिफ्ट करवाया । उसके बाद मरीज के साथ आये परिजनों ने मुझे मरीज को कुछ होना नही चाहिये कुछ होगया तो उसके जवाबदार आप होंगे ये कहकर मुझे जबरन एम्बुलेंस में बैठा लिया ओर मुझे झाबुआ तक लेकर गए रास्ते मे मेरे साथ मा बहन की न्नगी गालियां दी, थप्पड़ हाथ से मारपीट की ओर जान से मारने की धमकी दी।
हुई एफआईआर दर्ज....
थाना प्रभारी राजू बघेल ने जानकारी देते हुए बताया कि डॉक्टर डॉवर की रिपोर्ट पर रवि उर्फ रोहित सहित अन्य दो लोगो के खिलाफ आईपीसी की धारा,294 353, 332,506 ,183 व मप्र चिकित्सको का सरंक्षण अधिनियम 2008 की धारा 3 ,4 में अपराध पंजीबद्व कर मामला विवेचना में लिया है।
युवक का हुआ निधन...
वही दूसरी तरफ पूरे मामले में जिस घायल युवक कान्हा उर्फ कृष को झाबुआ रेफर किया गया था उसका इलाज के दौरान निधन हो गया है और उसका एक साथी अभी भी उपचाररत होने की सूचना मिली है ।
पुलिस चौकी खोलने की उठ रही मांग..
इस पूरे मामले में चिकित्सा क्षेत्र के जुड़े हुए लोग ओर कर्मचारियों ने सिविल अस्पताल में पुलिस सुरक्षा बढ़ाने और पुलिस चौकी खोलने की मांग की जारही है ।
लचर स्वास्थ्य व्यवस्था से आये दिन लोग परेशान...
वही बामनिया, खवासा आदि क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं ओर संसाधन नही होने से लोगो को इमरजेंसी में इलाज के लिये बड़े अस्पताल का रुख करना पडता है और संसाधनों के अभाव में मरीज ओर परिजन परेशान होते है। जिसके चलते ऐसी अप्रत्याशित परिस्थितिया निर्मित होती है।

