महिला बाल विकास विभाग की कई सुपरवाइजर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से कर रही है अवैध वसूली....

 


News हरिश राठौड़

पेटलावद ---  विकासखंड की महिला एवं बाल विकास विभाग में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। रायपुरिया , बोलासा , झकनावदा ,उन्नई आदि कई सेक्टर की सुपरवाइजर के द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग में पदस्थ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से डरा धामका कर खुलेआम अवैध वसूली कर रही है। इन सुपरवाइजर के बारे में बताया जाता है कि उनके द्वारा यह कहा जाता है कि उनके द्वारा यह पैसा ऊपर तक पहुंचाना पड़ता है और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से 200 से 500 रुपए तक की अवैध वसूली की जा रही है। पैसे नहीं दिए गए तो हम किसी भी कार्यकर्ता का एमपीआर सत्यापित नहीं करेगे। जबकि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता स्वयं ही ऑनलाइन एमपीआर भर्ती है उसके बावजूद भी उनसे पैसों की वसूली करना कहां तक ठीक है। यहां तक की कार्यकर्ता से कहा जाता है कि हमारी शिकायत जहां करना चाहती है वहां कर सकती है क्योंकि हमे किसी से डर नहीं लगता है नीचे से लगाकर ऊपर तक हमें भी पैसे देना पड़ते हैं। यह पैसे हम उन कार्यकर्ताओं से ही वसूलकर ऊपर तक पहुंचाते है। कुछ कार्यकर्ताओं ने नाम न बताने और  न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया गया है कि उनको डराया धमकाया जाता है कि अगर आप पैसा नहीं दोगे तो हम आपकी सैलरी भी रुकवा देंगे। विभाग में बताया जाता है कि प्राइवेट कंप्यूटर ऑपरेटर हैं जिनकी पगार सुपरवाइजर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बहनों से अवैध तरीकों से वसूली कर देती है। जबकी  देखा जाए तो सुपरवाइजर की तो यह जिम्मेदारी होती है कि वह सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बहनों के कार्य में सहयोग कर उनसे ईमानदारी से कार्य करवाए  लेकिन उससे ठीक विपरीत इन सुपरवाइजर अधिकारियों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से ग़लत तरीके से वसूली का एक अभियान छेड़ रखा है। इस विभाग में शायद यही परंपरा चल रही है कि जो जितना वसूली कर के परियोजना अधिकारी को देगा उसे उतना ज्यादा सेक्टर का प्रभारी बनाया जाएगा आखिर इन परियोजना अधिकारी एवं सुपरवाइजर को इतनी हिम्मत मिलती कहां से है जो खुलेआम जमीन पर कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से धमकियां देकर अवैध वसूली करने से बाज नहीं आ रही है।


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