थांदला से इमरान खान की रिपोर्ट
थांदला इस भीषण गर्मी में मुकद्दस माह रमजान का रोजा रखने में बच्चे भी पीछे नहीं है थांदला नगर के पीर साहब गली निवासी पत्रकार इमरान खान की बेटी हुमेरा खान ने 10 साल की उम्र में रखा पहला राजा इस वर्ष रमजान का रोजा करीब 15 घंटे का हो रहा है मस्जिद में मौलाना की तकरीर और घर में रोजा रख रहे परिवार के अन्य सदस्यों से प्रेरित होकर हुमेरा ने खुदा की इबादत के लिए रोजा रखने का फैसला किया तो घर वाले हैरान हो गए पहले तो परिवार वालों ने बच्ची को रोजा रखने से मना किया लेकिन उसकी जिद पर परिवार वालों को भी मानना पड़ा दोपहर बाद हुमेरा खान की दशा देख मां ने उसे रोजा तोड़ देने को कहा लेकिन वह नहीं मानी जैसे तैसे शाम हुई और इफ्तार का समय हुआ तो मां ने अपने हाथों से पकवान बनाकर बेटी हुमेरा को इफ्तार कराया वैसे तो इस महीने में रोजा रखना सब पर फर्ज है लेकिन कोई बच्चा ऐसी गर्मी में रोजा रखे तो किसी हैरत से कम नहीं है वैसे तो रोजा रखना किसी के लिए भी आसान नहीं होता हुमेरा खान को पता है कि रोज़े में नेकी और कामयाबी का राज छिपा है बरकत के इस महीने में रोजा रखने से हमदर्दी और इंसानियत का जज्बा भी बढ़ता है पहली बार रोजा रहकर अल्लाह की इबादत आरम्भ किया है पिता इमरान खान बताते है कि कम उम्र और गर्मी को देखते हुए रोजा रखने से मना किया मगर बच्ची की इच्छा को देखते हुए दबाव नहीं दे सके हुमेरा ने बताया कि पहला रोजा रखकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है हम अपने दादा-दादी, नाना नानी अम्मी अब्बू भाई बहन और पूरे परिवार के वास्ते रोजा रखकर उनके लिए दुआ मांगी की अल्लाह सभी को सुखी और खुश रखें

