News@ हरीश राठौड़
झाबुआ मामला झाबुआ जिले के थांदला तहसील अंतर्गत ग्राम भामल का है , जहां एक अनुसुचित जाति की बुजुर्ग विधवा महिला गीताबाई अपनी झोपडी में पिछले 60 वर्षो से अधिक समय से निवास कर रहीं है, लेकिन पिछले कुछ महिनों में उस बुजुर्ग महिला पर तीन बार जान लेवा हमला हो चुका है, एक बार तो थांदला थाने में रिपोर्ट भी दर्ज करवाई गई और दो बार पहचान नहीं होने पर रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई , बुजुर्ग महिला अपनी झोपडी के पीछे एक पक्की दीवार बनाना चाहती है ताकि पिछे से कोई भी अज्ञात व्यक्ति झोपडी में घुसकर उसकी हत्या न कर दे, यहीं डर उसको लगातार सता रहा है , बुजुर्ग महिला ने ग्राम पंचायत से विधिवत अनुमति ली और पुत्री की मदद से दीवाल बनाने का कार्य शुरू किया, जैसे ही कार्य शुरू किया की ठाकुर भारत सिंह और उसके दो रिश्तेदार आयें और उस महिला के साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी और कहने लगे कि यह जमिन अब हमारें नाम से हो चुकी है, तुझे अब यहां से भागना पडेगा, तब जाकर बुजुर्ग महिला को पता चला कि उसकी झोपडी की जगह गांव के दबंग ठाकुर भारतसिंह के नाम हो चुकी है , बुजुर्ग महिला गीता बाई का कहना है कि उक्त जमिन मेरे पति के नाम से थी, मेरे पति ने इन्हें कभी जमिन बेची हीं नहीं, मुझे इस विषय में कभी भी मेरे पति ने मुझे नहीं बताया था , यह सभी जमिन मेरे पति कि है ,भारतसिंह ने झुठे दस्तावेज बनाकर मेरे पति की जमिन इसके नाम करवा ली हे , 2018-19 में इस जमिन में फेरबदल हुआ है जिस समय गांव में पटवारी भी ठाकुर समाज का हीं था और बताया जाता है कि वह इनका रिश्तेदार भी था।
मारपीट करने के बाद भी मुझको धमकी दे रहा है कि में अपना मकान खाली कर दू , यहां तक खवासा चोकी से रोज पुलिस वालो को मेरे घर भेज रहे है ,नायब तहसीलदार खवासा को जब में अपने कागज दिखाने गई तो उन्होने मुझे भगा दिया और कहां कि तुम दीवाल मत बनाओं तुम्हारी जमिन अब दूसरे के नाम से हो गई है और बिना मेरे कागज चैक कियें हीं पुलिस वालो के हाथो मेरे पास स्थगन आदेश भेज दिया।
बुजुर्ग महिला ने कहां कि में झाबुआ कलेक्टर नेहा मीणा से हाथ जोडकर निवेदन करना चाहती हूॅ कि नायब तहसीलदार के द्वारा दिया गया स्थगन आदेश तत्काल निरस्त कर मौके पर आकर जांच करें , मेरा पुरा जीवन हो गया है इस झोपडी में और आज नायब तहसीलदार बोल रहे है कि आपका यहां कुछ नहीं है और मेरे पति के नाम जितनी भी जमिन है वो सभी मुझे दिलवाई जाए, जो कि धोखे से इन्होने अपने नाम पर करवा ली है। मेरे पति ने कभी भी किसी को जमिन नहीं बेची है।
इस विषय पर कलेक्टर नेहा मीना ने क्या कहां ....
जब इस विषय पर कलेक्टर नेहा मीना से चर्चा की गई तो उन्होने तत्काल मामला संज्ञान में लिया और कहा कि बुजुर्ग विधवा महिला के साथ अन्याय नहीं होेने दिया जाएगा, में इसे दिखवाती हूॅ। और जिसने भी गलत किया है उस पर कार्यवाहीं होगी।
खवासा चैकी प्रभारी ने कहां .....
जब इस विषय पर खवासा चौकी प्रभारी हिरालाल मालिवाड से चर्चा की गई तो उन्होने बताया कि हमारें पास नायब तहसीलदार से पत्र आया था और उनका फोन आया था कि आप उस बुजुर्ग विधवा महिला को काम मत करने दो, तो हमने जाकर काम करने से मना किया था।
नायब तहसीलदार ने कहा....
जब इस विषय पर खवासा नायब तहसीलदार पलकेश परमार से चर्चा की गई तो उन्होने कहा कि में कैसे मान लुं कि आप पत्रकार बोल रहे हो ,पहले अपना आईडी कार्ड मुझे वाट्सअप करों , जिसके बाद में जनसंपर्क कार्यालय पर चैक करवाउंगा कि आप वास्तव में पत्रकार हो या नही , तब जाकर में आप से बात करूंगा। और मुझसे मिलना हो तो अभी में बाहर हूॅ, बुधवार को 12 बजें बाद मेरे आँफिस पर आना फिर बात करेंगे।


