News@ हरिश राठौड़
भगवान शिव की आराधना का माह सावन का दूसरा सोमवार भी विशेष योग में मना। इसके चलते शिवालयों में सुबह से श्रद्धालुओ ने भगवान शिव का अभिषेक और पूजन किया गया। जगह जगह का अलग-अलग रूपों में शृंगार किया गया। भगवान शिव के अभिषेक से हर तरह के रोग और भय दूर हो जाते है। इसी के तहत दूसरे सावन सोमवार पर सुबह से भक्त बड़ी संख्या में पहुंचे।
यहां लगा भक्तो का तांता:...
श्रावण के दूसरे सोमवार को शिव मंदिरों पर भक्तो का तांता अलसुबह से लगा रहा। सभी शिवालय ओम नम: शिवाय के जाप से गूंज उठा। सावन में भोलनाथ की आरधना की जाती हैं। भूतेश्ववर महादेव (फूटा मंदिर), शनि मंदिर आदि शिवालयों में भक्तो की संख्या सुबह से देखने को मिली। मंदिरो में सुबह से विशेष पूजा अर्चना के साथ बेलपत्र चढ़ाते हुए श्रद्धालु नजर आए। जलाभिषेक करने वाले भक्तों का मंदिर में आने का सिलसिला शाम तक जारी था। मंदिरों का परिसर हर-हर महादेव के उद्घोष से गूंजता रहा बड़ी संख्या में लोगों ने मंदिर में पहुंचकर दर्शन किया।अन्य मंदिरों पर भी भक्तों का ताता लगा रहा। जयकारे के बीच शिव भक्त मंदिर पर पहुंचते और भगवान शिव को जलाभिषेक करते। पूजा-अर्चना के बीच माहौल पूरी तरह भक्तिमय दिखाई दिया। मंदिर के अंदर व बाहर आस्था उमड़ी रही। सभी श्रद्धालु शिव भक्ति में लीन रहे। समाचार लिखे जाने तक जलाभिषेक का सिलसिला जारी रहा।
कावड़िए चले महाँकाल की नगरी में:....
प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी ग्राम अन्नतखेड़ से गंगाजल भरकर कावड़ियो का जत्था महाकालेश्वर, उज्जैन रवाना हुआ। सभी कावड़िए नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुई गुजरे। जहां अलग अलग स्थानों पर मंच लगाकर नगर के गणमान्य नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने स्वागत किया। पांच दिनों में उज्जैन पहुंचकर ये सभी बाबा महाकालेश्वर का जल अभिषेक करेगे। कावड़ यात्रा में पेटलावद, करड़ावद सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों के युवा मौजूद है।


