News@मनीष अरोडा
आलीराजपुर ÷ ग्राम पंचायत अंबा में मिशन 3D (दहेज डीजे एवं दारू) पर नियंत्रण को लेकर बैठक संपन्न हुई जिसमें वक्ताओं ने अपने ओर से बात रखी जनजाति विकास मंच जिला प्रमुख गोविंद भयड़िया ने कहा की आदिवासी समाज अपनी परंपरा रीति रिवाज, बाबा देव को मानता है तो हमें अपने पूर्वज अपने कुलदेवी अपने तीज त्यौहार अगर हम करते हैं तो हमें धर्मांतरण हो रहे उनको रोकना होगा नहीं तो समाज में यह भी आने वाले समय समाज के लिए नुकसान है तथा कुंडवाट सरपंच पटेल ने कहा समाज का बदलाव तभी होगा जब हम अपने खुद से शुरुआत करेंगे जिसमें उन्होंने कहा की समझ में मेहनत तो बहुत करता है आदिवासी समाज लेकिन फिजूल खर्च का कोई हिसाब किताब नहीं उन्होंने छोटा सा उदाहरण देते हुए कहा कि गांव में विमल गुटखा खाने वाले का हिसाब करते हैं तो करीब 90 लाख से अधिक रुपए एक वर्ष में एक गांव से जा रहे हैं तो कैसे आदिवासी समाज आगे बढ़ेगा उन्होंने ऐसे अनेक उदाहरण देते हुए गांव वालों को बातें बताएं दहेज धीरे-धीरे समाज के लिए कलंक बनते जा रहा था इसे कैसे काम किया जाए उसे पर जोर देते हुए गांव में कुछ निश्चित किया गया है वहीं निलेश ससत्या ने कहा इस समय जो आदिवासी समाज में कुरीतियों चल रही है वह भी अच्छी बात नहीं है अगर कोई दसवीं में दूल्हा दूल्हा बनके परीक्षा देने जा रहे हैं तो समाज में शिक्षा नहीं पहुंचने वाली है और संस्कार से भी नहीं जोड़ पाएंगे वहीं जनजाति विकास मंच जिला युवा प्रमुख ने कहा शिक्षा से जोड़ना बहुत जरूरी है नुक्ता पगड़ी कार्यक्रम में जो कुरीतिया है बलि देने की वह भी वर्तमान में कम करने की आवश्यकता है दहेज डीजे दारू का कैसे कम किया जाए उसका समर्थन करते हुए छोटे-छोटे उदाहरण देते उन्होंने कहा कि समाज में आज भी विशेष कर युवाओं को संस्कार से जोड़ने की आवश्यकता है छोटी सी बात पर कीटनाशक पीना यह एक चलन सा हो गया है उसे भी समझ में रोकने की आवश्यकता है संगति और संस्कार सही होंगे तो हमारे युवा पीढ़ी आने वाले समय कुछ अच्छा कर पाएगी सरपंच ने आभार मानते हुए कहा की जो आज तय किया है ग्राम पंचायत के चौकीदार पटेल तथा सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी मात्रा में उपस्थित रहे।

