पंच से लेकर पीएम तक भाजपा की सरकार फिर भी मोदी के कार्यकाल की सफलता में आयोजित कार्यक्रम में नहीं जुट पाए 100 लोग..... कांग्रेस के धरने में 20 लोग भी नहीं रहे मौजूद..... जनता उदासीन, सोसल मीडिया पर खेल रहे पॉलिटिक्स, जमीनी हकीकत को बताती तस्वीरें...... हज़ारों कमेंट लाइक शेयर ओर फ्लॉवर्स होने के बाद भी दुख में साथ खड़ा रहे वहीं सच्चा साथी .....

 



 


News@ हरिश राठौड़

पेटलावद। भीषण गर्मी के इस दौर चल रहा है,पूरे विश्व में जो नेगेटिव हालात बने हुए हे वह किसी से छुपे नहीं हे। ओर देश के हालातों भी कमोबेश कोई ज्यादा तारीफे काबिल नहीं हे। वैसे आमजन तो दो रोटी,गैस की टंकी पेट्रोल ,  डीजल  खाद की जुगाड में ही लगा हे ।

*जनता हो चुकी हे उदासीन*

एक दौर था जब देश विदेश। में होने वाले घटनाक्रम की चर्चा चौराहों - चौपालों  पर,पान की गुमटियों या चाय की दुकानों  पर होती थी ओर राजनीतिक दलों के धरने ,विरोध ओर प्रदर्शन भी बड़े जोर शोर से बड़ी भीड़ के साथ होते थे।

*सोसल मीडिया पर कर रहे पॉलिटिक्स, जमीन पर जीरो*

वर्तमान ए आई तकनीक के दौर में जहा सारा संसार मोबाइल ओर उंगलियों के इशारों पर सिमट गया हे  । ओर इसी के चलते सारे राजनीतिक दल  सारी राजनीति मोबाइल ओर ऑनलाइन  पर कर रही तो जनता ने भी राजनीतिक  दलों की नब्ज को समझकर ऑनलाइन पर ही पार्टी पॉलिटिक्स कर रही हे।

*सोसल मीडिया  पर  दिखावा  दुख में साथ दे वोही तो सहयोगी*

ओनलाइन पर पॉलिटिक्स करना बुरी बात नहीं हे, लेकिन सोशल मीडिया  के बारे में एक कहावत भी मशहूर की जितने फ्रेंड ओर फॉलोवर  सोशल मीडिया पर होते हे उन्में से दुख की घड़ी में इक्का  दुक्का  ही साथ  खड़े होते हे यह कहावत आज नगर में दोनों राजनीतिक  पार्टियों कांग्रेस ओर भाजपा पर लागू होती दिखाई दे रही हे


*बात मुद्दे की*


 दरअसल आज नगर में दोनों दलों के  भाजपा ओर कांग्रेस के  द्वारा  सोसल मीडिया से हटकर जमीनी स्तर पर की गई दो गतिविधियों की तस्वीरों ने यह एक नई चर्चा को जन्म दे दिया हे।


*पंच से लेकर केन्द्र तक सरकार ,फिर भी पीएम मोदी के लिय आयोजित कार्यक्रम में 100  लोग भी नहीं पहुंचे*



 पहली तस्वीर भाजपा की हे जिसने बुधवार को पीएम मोदी के सर्वाधिक समय तक प्रधानमंत्री रहने के कीर्तिमान के उपलक्ष्य में नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर पर पूजन अर्चन ओर हनुमान चालीसा का आयोजन रखा  था । पंच से लेकर केन्द्र तक भाजपा की सरकार हे पेटलावद में मंडल कमंडल के अलावा भाजपा के कई प्रकोष्ठों के तहसील ओर जिलाध्यक्ष ओर जनपद अध्यक्ष हे, अब एसे  में यशस्वी पीएम मोदी के लिय आयोजित इस कार्यक्रम में उम्मीद थी कि कम से 2000 हजार लोग /कार्यकता तो  शामिल होंगे लेकिन मंदिर  में बैठे क्षेत्र  के नेताओं  की संख्या तो बमुश्किल 100 लोगों तक भी नहीं पहुंची जबकि सोशल मीडिया पर उससे ज्यादा युवा नेताओं ने पोस्ट डाली हे,या लाइक  शेयर ओर कमेंट कर रहे हे। 



*वालसिंग के साथ 20 कार्यकर्ता भी नहीं रहे खड़े, इससे ज्यादा मालू जी लेकर घूम रहे*


दूसरी तस्वीर में कांग्रेस से जुड़ी हे जिसमें  राज्यसभा की उम्मीदवारी पर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त करने के विरोध में पूर्व विधायक वालसिंह मेडा ने  तहसील कार्यालय के सामने बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया ,  भाजपा ओर निर्मला भूरिया  का विकल्प का दावा भरने वाली कांग्रेसी नेता वालसिंह मेडा की हालत तो ओर भी खराब निकली तस्वीरें साफ  बता रही हे की इस विरोध  प्रदर्शन में उनके साथ 20 कांग्रेसी लोग भी बैठे दिखाई नहीं दे रहे। इससे ज्यादा समर्थक  तो वालसिंह मेडा  के विरोधी खेने के ओर इस  बार कांग्रेस की टिकिट के दावेदार अकमल मालू डामर इन दिनों अपने साथ लेकर घूमते नजर आ रहे हे 


*जनता तो ठीक कार्यकर्ताओं ओर समर्थकों को भी नहीं साध पा रहे दोनों दलों के  माननीय*

 

अब मित्रो ये तस्वीरें दो संकेत दे रही हे एक तो यह कि दोनों ही दलों की  सोशल मीडिया ओर जमीनि हकीकत में जमीन आसमान का अंतर हे,  दूसरा यह कि आम जनता तो दूर पेटलावद क्षेत्र में दोनों ही दल अपने समर्थकों या कार्यकर्ताओं  को साधने में भी असफल हो चुके । जो आनेवाले दिनों में   जरूर नया अध्याय खोलेगा।


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