थांदला पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले आरोपी को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया.....

 


थांदला से इमरान खान की रिपोर्ट 

थांदला पुलिस ने तत्परता, तकनीकी दक्षता एवं साइबर इनपुट के प्रभावी उपयोग से ऑनलाइन साइबर धोखाधड़ी के एक बड़े मामले का मात्र तीन दिनों में खुलासा करते हुए आरोपी को महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अन्य खातों में ट्रांसफर किए गए ₹2,06,493 की रकम भी होल्ड कराकर सुरक्षित कराई है।

सस्ते मोबाइल का झांसा देकर की ₹2.52 लाख की ठगी

घटना 6 जून 2026 की है। जवाहर मार्ग, थांदला निवासी एवं मोबाइल शॉप संचालक रवि पिता प्रकाशचंद्र गादिया को एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा फोन कॉल किया गया। आरोपी ने स्वयं को मोबाइल का बड़ा डीलर बताते हुए वीवो कंपनी के 20 मोबाइल फोन कम कीमत पर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया।

आरोपी के झांसे में आकर फरियादी ने कुल ₹2,52,680 की डील तय की तथा आरोपी के बैंक खाते में निम्नानुसार राशि स्थानांतरित की—

RTGS के माध्यम से: ₹1,92,000

PhonePe के माध्यम से: ₹60,680

राशि प्राप्त होते ही आरोपी ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया। स्वयं के साथ धोखाधड़ी होने का एहसास होने पर फरियादी ने तत्काल थाना थांदला पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना थांदला में अपराध क्रमांक 323/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) एवं 319(2) के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।

महाराष्ट्र के पालघर से आरोपी गिरफ्तार -

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक झाबुआ श्री देवेंद्र पाटीदार के निर्देशन में साइबर सेल झाबुआ एवं थाना थांदला की संयुक्त टीम द्वारा तकनीकी विश्लेषण एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की गई।

थाना प्रभारी थांदला के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम को तत्काल पालघर (महाराष्ट्र) रवाना किया गया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी रोशन पिता राजेंद्र शर्मा, निवासी ओल्ड मनोहर रोड, फॉरेस्ट ऑफिस के पास, थाना एवं जिला पालघर (महाराष्ट्र) को गिरफ्तार किया।

पूछताछ एवं बैंक खातों की जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ठगी की राशि को विभिन्न खातों में स्थानांतरित कर ठिकाने लगाने का प्रयास कर रहा था। इस पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बैंक समन्वय के माध्यम से अन्य खातों में ट्रांसफर किए गए ₹2,06,493 की रकम भी होल्ड कराकर सुरक्षित कराई है। मामले में आगे की जांच जारी है।

फिशिंग श्रेणी का साइबर फ्रॉड - 

प्रारंभिक जांच में यह मामला फिशिंग एवं ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की श्रेणी का पाया गया है, जिसमें आरोपी आकर्षक ऑफर, लालच या झूठे व्यापारिक प्रस्ताव देकर लोगों से ऑनलाइन माध्यम से राशि प्राप्त कर लेते हैं और बाद में संपर्क समाप्त कर देते हैं।

झाबुआ पुलिस की अपील - 

झाबुआ पुलिस आमजन से अपील करती है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में आकर बड़ी ऑनलाइन राशि का लेन-देन न करें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल नजदीकी पुलिस थाना, साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल(NCRP) पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते राशि को होल्ड कर नुकसान को कम किया जा सके।


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