मंदसौर: आपने आज तक पटवारी और किसानों के बीच खींचतान, शिकायतों और रिश्वतखोरी की खबरें तो खूब सुनी होंगी। लेकिन मध्य प्रदेश के मंदसौर से एक ऐसी खबर आ रही है, जो सिस्टम पर आपका भरोसा फिर से जगा देगी। यहाँ एक ऐसी 'लेडी सिंघम' पटवारी रही हैं, जिनके ट्रांसफर की खबर सुनते ही पूरे गांव में मायूसी छा गई और गांव वालों ने पलक-पावड़े बिछाकर उन्हें विदाई दी।
सिर्फ 1 साल में जीता सबका दिल:-
मामला शामगढ़ तहसील की ग्राम पंचायत जमुनिया (पटवारी हल्का नंबर 29) का है। यहाँ पदस्थ पटवारी सुश्री निकिता जैन का महज 1 वर्ष के कार्यकाल के बाद तबादला (स्थानांतरण) हो गया है। आमतौर पर सरकारी बाबू के ट्रांसफर पर लोग राहत की सांस लेते हैं, लेकिन यहाँ नज़ारा बिल्कुल उल्टा था। निकिता मैडम के सराहनीय काम और जनता के प्रति उनके सेवाभाव ने सिर्फ 365 दिनों में ही ग्रामीणों के दिलों में एक खास जगह बना ली थी।
जब विदाई समारोह में भावुक हुए ग्रामीण
जमुनिया ग्राम पंचायत द्वारा पटवारी निकिता जैन के सम्मान में एक भव्य विदाई समारोह रखा गया। इस विदाई की गूंज अब पूरे इलाके में है। विदाई के दौरान गांव की चौपाल पर हर किसी की आंखें नम थीं।
"पटवारी हो तो ऐसी..." — ये शब्द थे उन किसानों और ग्रामीणों के, जो मैडम के काम करने के तरीके से बेहद खुश थे। विदाई समारोह में खुद पटवारी सुश्री निकिता जैन भी भावुक हो गईं और उन्होंने सभी ग्राम वासियों एवं ग्राम पंचायत का दिल से आभार व्यक्त किया।
विदाई समारोह में उमड़ा पूरा गांव:-
इस ऐतिहासिक विदाई समारोह में ग्राम पंचायत के कई गणमान्य नागरिक और पूरी टीम मौजूद रही, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे!
श्रीमती मांगी बाई बलराम मीणा (सरपंच)
श्यामलाल बघेला (पंचायत सचिव)
अंतिम धनोतिया (सहायक सचिव)
कमल योगी, राकेश मीणा, राहुल अटोलिया सहित भारी संख्या में ग्रामीण

