नो नेतागिरी' पड़ी भारी? नेताओं के फोन न उठाने वाली दबंग लेडी IAS अदिति गर्ग का रातोंरात तबादला.... 'नो नेतागिरी' वाली 'लेडी सिंघम' का तबादला! कड़क अंदाज़ से कांपते थे नेता, अब नए कलेक्टर को खूब घुमाएंगे फोन!...





मंदसौर/भोपाल… मध्यप्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में शुक्रवार- शनिवार देर रात आए एक तबादले की खबर ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है! अपने कड़क अंदाज़, बेबाक कार्यशैली और कलेक्टोरेट में 'नो नेतागिरी' का बोर्ड लगाने वाली मंदसौर की 'दबंग' लेडी IAS अदिति गर्ग को हटा दिया गया है।


25 जुलाई 2026 की देर रात मध्य प्रदेश शासन द्वारा जारी प्रशासनिक फेरबदल की सूची में अदिति गर्ग का ट्रांसफर कर दिया गया है। उन्हें अब संचालक, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं, 2015 बैच की ही आईएएस दिव्यंका सिंह को मंदसौर की नई कमान थमाई गई है।

लेकिन इस तबादले के बाद से ही मंदसौर से लेकर भोपाल तक चर्चाओं का बाज़ार गर्म हो गया है— 'क्या नेताओं की बात न सुनना और काम में ज़ीरो-टॉलरेंस की नीति ही मैडम के ट्रांसफर की वजह बन गई?


मंदसौर कलेक्टोरेट में बड़ा बदलाव:- 

निवर्तमान कलेक्टर     -        नई कलेक्टर              IAS अदिति गर्ग       -      IAS दिव्यंका सिंह       

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग -  नवनियुक्त कलेक्टर  


नो पॉलिटिक्स' वाली कार्यशैली: नेताओं ने बंद कर दिए थे फोन:-

29 जुलाई 2024 को मंदसौर कलेक्टर का पदभार ग्रहण करने वाली 2015 बैच की आईएएस अदिति गर्ग अपनी दो साल की कप्तानी के दौरान हमेशा सुर्खियों में रहीं। लंदन से पढ़कर आईं और IES, IRS के बाद UPSC क्रैक करने वाली इस अफसर के सामने किसी की 'दाल' नहीं गलती थी।


न दबाव, न सिफारिश: -

प्रशासनिक हलकों में चर्चा थी कि मैडम के सामने किसी भी रसूखदार या नेता की सिफारिश नहीं चलती थी।


कतराते थे माननीय: -

मैडम के खौफ और कड़क रवैये का आलम यह था कि नेताओं ने गलत कामों या सिफारिशों के लिए कलेक्टोरेट फोन लगाना ही बंद कर दिया था।


जनता सर्वोपरि: -

बिचौलियों को बाहर का रास्ता दिखाकर सिर्फ आम जनता की जनसुनवाई को प्राथमिकता दी जाती थी।


अब सियासी गलियारों में चुटकी— 'अब खूब घुमाएंगे नए कलेक्टर को फोन:-

अदिति गर्ग के तबादले की खबर आते ही मंदसौर के राजनीतिक गलियारों में राहत की सांस ली जा रही है, तो वहीं आम जनता में मायूसी है। सोशल मीडिया पर लोग चटकारे लेकर लिख रहे हैं— "चलो, अब माननीय राहत की सांस लेंगे और नए कलेक्टर को खूब फोन घुमाएंगे!


जनता के बीच यह चर्चा जोरों पर है कि जो अफसर नेताओं के आगे नहीं झुकता, उसका ठिकाना मंत्रालय का कोई विभाग ही बना दिया जाता है।


इनसाइट स्टोरी:- 

कटनी जिले के धरवारा गांव से ताल्लुक रखने वाली और पूर्व डीजीपी की बेटी अदिति गर्ग ने मंदसौर में अपनी ऐसी छाप छोड़ी है जिसे भुलाना आसान नहीं होगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि नई कलेक्टर दिव्यंका सिंह के आने के बाद कलेक्टोरेट का माहौल कैसा रहता है और नेताओं की सिफारिशों का क्या असर होता है!


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