पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट
जावरा बिजली की अघोषित कटौती जहां गाँव के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है तो वहीं बिजली विभाग की लापरवाही भी किसी खतरे से कम नहीं है। रिहायशी इलाकों में बिजली के टूटे खंभे पर झूलती सर्विस लाइन मौत को तो दावत दे ही रही है साथ ही वहां के आस पास के रहवासियों के लिए भय का माहौल भी बना हुआ है।
दरअसल गांव नवेली में लाईट के ख़म्बे पिछले दो साल से टूटे पड़े है और वो ख़म्बे लाइट की केबलों के सहारे टिके हुए है जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। यदि चलती लाइन में पोल टूट कर नीचे गिरा तो बड़ा हादसा हो सकता है। लेक़िन लापरवाह विभाग इस ओर कोई ध्यान नही दे रहा है। विभाग की घोर लापरवाही देख के ऐसा प्रतीत होता है कि कोई बड़ी घटना घटने का इंतज़ार कर रहे है।
स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग में शिकायत की थी। लेकिन इसके बावजूद भी संबंधित अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है।
इस सम्बन्ध में जिम्मेदार विभाग के अधिकारी से चर्चा करने की कशिश की गई लेकिन उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया।
