पेटलावद से हरिश राठौड़ / मनोज पुरोहित की रिपोर्ट
पेटलावद ।सरकार के द्वारा गरीब एवं मजदूर वर्ग सहित आम जनता के लिए कई प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं बनाई जाती है और इन योजनाओं का बनाने का और परिपालन कराने का मुख्य उद्देश्य होता है कि आमजन और गरीब जनता को फायदा मिले ।
गरीबों के कल्याण की बनाती है योजना सरकार.....
इसी प्रकार कई प्रकार की योजनाओं केंद्र एवं राज्य की सरकार के द्वारा गरीबों के कल्याण के लिए गरीबों को मुफ्त अनाज योजना बना रखी है और इस योजना के तहत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले और गरीबी रेखा का राशन कार्ड धारण करने वाले व्यक्तियों को सोसाइटी के माध्यम से मुफ्त में प्रत्येक माह निश्चित मात्रा में अनाज दिया जाता है और यह अनाज मुफ्त में देते हुए सरकार की मंशा रहती है कि प्रत्येक माह उस गरीब व्यक्ति एवं उसका परिवार भरपेट भोजन कर सके।
योजना का हो रहा दुरुपयोग.....
लेकिन शासन की इस योजना के पीछे जहां गरीबों के कल्याण और उनके परिवार और बच्चों के भरण- पोषण का उद्देश्य रहता है लेकिन सरकार की अन्य योजनाओं के साथ-साथ शासन की पीडीएस या मुफ्त अनाज योजना पर भी लोगों के द्वारा अपना फायदा उठाने के साथ ही साथ इस योजना को पलीता लगा कर भ्रष्टाचार की गंगा जमुना बहाई जा रही है सरकार के द्वारा जो अनाज गरीबों को राशन वितरण के लिए दिया जाता है ।वह सोसाइटी के माध्यम से गरीबों को दिया जाता है और गरीब लोग इस राशन को प्राप्त करने के बाद कुछ ही समय पश्चात मुफ्त में मिले राशन को अनाज व्यापारियों को विक्रय कर देते हैं और उससे होने वाले आए और पैसे से शराब पीकर अपना और अपने परिवार का जीवन भी दुभर करते हैं।
चल रहा है बड़ा गोरखधंधा....
उल्लेखनीय है कि झाबुआ जिले के अलावा बात करें पेटलावद क्षेत्र की तो पेटलावद एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों बामणिया, झकनावदा, करडावद, सारंगी , टेमरिया, अनंतखेड़ी, रायपुरिया, मोहनकोट आदि क्षेत्रों सहित छोटी-छोटी सोसाइटी में मिलने वाले अनाज को गरीबों को वितरण करने के बाद खरीदने बेचने का एक बड़ा रैकेट व्यापारियों, सत्ताधारी और विपक्षी दल के छूटभईये नेता और कार्यकर्ताओं और सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत के माध्यम से चलाया जा रहा है और इस पूरे मामले में बड़ा लाभ मध्यम एवं बिचौलियों को मिलता है ।वही गरीब आदमी सिर्फ कुछ रुपयों के लिए सरकार की योजना पर पलीता लगाकर मिलने वाले मुफ्त अनाज को बेच देता है। जिस पर अंकुश लगाना बेहद आवश्यक है अन्यथा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का मूल उद्देश्य पूरा होने से बच जाएगा।
*गुणवत्ताहिन अनाज भी मुख्य कारण*
सर्वप्रथम तो अधिकांश लोगों का मानना है कि सरकार के द्वारा जो सोसाइटी के माध्यम से अनाज वितरण किया जाता है वह अनाज गुणवत्ता विहिन होता है और इसका उपयोग आमजन खाने पीने में या उपयोग में नहीं कर सकता ऐसी स्थिति में अधिकांश लोग व्यापारियों को सोसाइटी से मिले हुए अनाज को विक्रय करना ज्यादा बेहतर समझते हैं।
व्यापारियों को भी फायदा.....
वहीं व्यापारियों के द्वारा सोसाइटी से खरीदे गए इस अनाज को हितग्राहियों से कम दामों पर लेकर पुनः सरकार या मंडियों में अथवा अनाज मिलो में बेचकर दुगना लाभ कमाने के उद्देश्य से इस अनाज को खरीदा जाता है और इसी गोरखधंधे के तहत लोग लाखों रुपए का वारा न्यारा हो रहा हैं।
शासन को दोहरा नुकसान....
और शासन को इस योजना के तहत गरीबों के कल्याण की मंशा के अलावा दोहरा नुकसान भी उठाना पड़ रहा है और इसी दोहरा नुकसान को लेकर शासन प्रशासन लगातार कई बार ऐसी कार्रवाई करता है कि मुफ्त अनाज जिस उद्देश्य से लोगों में बांटा जा रहा है उसका उपयोग आमजन कर सके लेकिन इस प्रकार की सूचनाएं आए दिन मिलती रहती है कि सरकारी सोसायटीओं का मुफ्त योजना का अनाज कई व्यापारियों के घर छापेमारी में मिलने की सूचनाएं आमतौर पर आती रहती है।
कलेक्टर मिश्रा ने की सख्ती...
इस प्रकार की सूचनाओं से जिला कलेक्टर सोमेश मिश्रा के द्वारा खाद्य अपमिश्रण अधिनियम के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश पिछले दो दिन पूर्व जारी किया गया है और इस आदेश के तहत कलेक्टर के द्वारा आदेश जारी किया गया है कि कोई भी व्यक्ति यदि शासन की खाद्यान्न योजना के तहत मिले हुए अनाज को किसी व्यक्ति अथवा संस्था को विक्रय करता है तो खरीदने एवं बेचने वाले दोनों व्यक्तियों पर शासन के द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी
होगी पात्रता पर्ची निरस्त.....
इस आदेश के परिपालन के संदर्भ में पेटलावद एसडीएम शिशिर गेमावत के द्वारा चर्चा के दौरान बताया गया कि आमतौर पर ऐसी सूचनाएं मिलती रहती है कि शासन के द्वारा मुफ्त योजना के तहत बांटे गए खाद्यान्न को लोगों के द्वारा अन्य व्यापारियों को विक्रय कर दिया जाता है। अब यदि कोई भी व्यक्ति इस योजना के तहत मिले हुए खाद्य अथवा अनाज को किसी व्यक्ति को विक्रय करता है तो कलेक्टर महोदय के आदेश का सख्ती से पालन करवाया जाएगा जिस व्यक्ति ने उक्त अनाज को बेचा है है उसकी खाद्यान्न पर्ची जपत करते हुए उसकी पात्रता भी समाप्त की जाएगी ।साथ ही खाद्यान्न योजना के तहत अनाज बेचने खरीदने वालों के खिलाफ जुर्माना एवं जेल भेजने की कार्रवाई भी की जावेगी।
