पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट
पेटलावद ,,- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनने वाली सड़क अब तक पूर्ण नहीं होने का मुख्य कारण ही घटिया व गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्य के चलते नेशनल हाईवे के चीफ इंजीनियर आर.टेम्सुटेमजेन के अलावा सड़क विकास महाप्रबंधक अहिरवार के अलावा अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे जहां पर सड़क पर निर्माण कार्य के उपयोग में की गई सामग्री का सैंपलिंग किया जाकर सड़क की गुणवत्ता की जांच की गई।
जानकारी अनुसार प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत थांदला बदनावर मार्ग पर स्थित करडावद से रतलाम करवड़ मार्ग तक लंबाई 8.74 किलोमीटर की सड़क निर्माण का कार्य जून 2020 में प्रारंभ किया गया था जोकि 22 जुलाई तक भी सड़क निर्माण का कार्य पूरा नहीं हो पाया। कुल सड़क निर्माण कार्य में से मात्र 3 किलोमीटर सड़क निर्माण कर डामरीकरण कार्य किया गया वह तो सड़क निर्माण कार्य में ठेकेदार के द्वारा घोर लापरवाही का नतीजा क्षेत्र के किसानों को भोगना पड़ रहा है। ठेकेदार के द्वारा सड़क मार्ग के दोनों ओर नाली निर्माण ना करते हुए उक्त सड़क का निर्माण कर दिया गया। जिसकी वजह से किसानों के खेतों में बारिश का पानी का जमाव होने से खेतों में खड़ी फसलें नष्ट हो रही है। लेकिन क्षेत्र के किसानों के द्वारा पूर्व में कई मर्तबा ठेकेदार व अधिकारियों से संपर्क कर अपनी पीड़ा बताई गई। लेकिन किसी ने भी जिम्मेदारी पूर्वक कार्य नहीं करवाया गया। इस वजह से किसानों में भारी आक्रोश है। सड़क निर्माण खेत से लगभग 6 से 7 फीट ऊंचाई पर होने के कारण क्षेत्र के किसानों को अपने खेतों में जाने हेतु पहुंच मार्ग का निर्माण नहीं किया गया। ना ही खेत में बरसात के पानी की निकासी के लिए पाइप लाकर डाले गए । जिसकी वजह से किसानों के खेतों में खड़ी फसल को भारी मात्रा में नुकसान हो गया था। पूर्व में भी किसानों के द्वारा वरिष्ठ अधिकारी को अवगत कराया गया था। लेकिन आज तक किसी प्रकार से कोई समस्या का हल नहीं हो पाई ।
इसी संदर्भ में हाल ही में नेशनल हाईवे के चीफ इंजीनियर आर.टेम्सुटेमजेंन के द्वारा सड़क निर्माण की जांच को लेकर उक्त रोड पर पहुंचे थे। जहां पर जनपद सदस्य तेजमल सोलंकी नि. देहंडी सरपंच रेखा नाथू निनामा, नाथू निनामा, उपसरपंच हरिश्चंद्र पाटीदार, छगनलाल पाटीदार , नंदराम पाटीदार , प्रगेश गामड़ , नाहर सिंह सिंगाड़ आदि किसानों के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा । इस अवसर पर मौजूद ठेकेदार संतोष त्रेहान भी किसानों को संतोषप्रद जवाब नहीं दे पाए तथा इस पर अधिकारीगण के दबाव के आगे ठेकेदार संतोष त्रेहान के द्वारा किसानों को 30 जुलाई ,,,,10 दिन,,, तक का समय दिया गया है कि यदि 30 जुलाई तक खेतों में पानी की निकासी व सड़क मार्ग के दोनों और पानी निकासी के लिए पाइप लाइन डालने का कार्य नहीं किया गया तो क्षेत्र के सभी किसानो के द्वारा उक्त सड़क मार्ग पर चक्काजाम किया जावेगा। जिसकी समस्त जवाबदारी ठेकेदार व प्रशासन की रहेगी। सड़क निर्माण कार्य में सबसे ज्यादा लापरवाही निर्माण कार्य की देखरेख कर रहे इंजीनियर विजय मंडलोई के नजरअंदाज करने के कारण ठेकेदार संतोष त्रेहान के द्वारा अपनी मनमर्जी से सड़क निर्माण कार्य कर रहा है जिसकी वजह से उक्त सड़क कहीं ऊंची तो कहीं नीचे ढलान की तरह बनाई गई सड़क निर्माण मैं आने वाले मोड पर एलिवेशन का उचित ध्यान नहीं रखा गया जिसकी वजह से भविष्य में उक्त मोड़ पर दुर्घटना का सदैव भय बना रहेगा जिसका खामियाजा सड़क मार्ग से गुजरने वाले दो पहिया या चार पहिया वाहनों को भुगतना पड़ेगा ।
साथ ही उक्त सड़क निर्माण कार्य माह जून 2020 से माह जून 2021 12 माह गुजर जाने के बाद भी उक्त सड़क मार्ग पर मात्र 3 किलोमीटर सड़क पर डामरीकरण किया गया। जिसके बीच में एक पुल व दो छोटी पुलिया का निर्माण करना भी शेष है । उक्त सड़क निर्माण कार्य में इंजीनियर विजय मंडलोई शायद ठेकेदार से काम कराने में विफलता नजर आ रही है। जिसकी वजह से ठेकेदार के द्वारा उक्त सड़क निर्माण का कार्य गुणवत्ता विहीन किया जा रहा है। लेकिन इस और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क विभाग में मौजूद अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं ।,,,,,,,,जांच टीम में नेशनल हाईवे के चीफ इंजीनियर आर. टेम्सुटेमजेन के अलावा जिले की टीम में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना प्रबंधक अहिरवार एसडीओ शुक्ला, इंजीनियर मंडलोई के अलावा अन्य कर्मचारी भी मौजूद थे। लेकिन उक्त जांच का असर ठेकेदार के चेहरे पर नजर नहीं आ रहा था।
इस संबंध में जांच टीम मैं मौजूद अधिकारियों से जानकारी जानना चाही गई। लेकिन अधिकारी गण जानकारी देने से इनकार करते रहे।।

