पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट
पेटलावद ।सावन मास के अंतिम सोमवार 23 अगस्त को पेटलावद नगर के राजा बाबा नीलकंठेश्वर महादेव की शाही सवारी निकाली गई।
सावन मास में रहता है आस्था का केंद्र.....
प्रत्येक वर्ष परंपरा अनुसार पेटलावद नगर के राजा बाबा नीलकंठेश्वर महादेव सावन मास के दिनों में जहां प्रत्येक सोमवार को विभिन्न आकर्षक श्रृंगार के साथ में सज्जित होने के बाद अपने भक्तों को दर्शन देते हैं और बाबा नीलकंठेश्वर महादेव की कृपा से ही पूरे क्षेत्र में सुख शांति और समृद्धि रहती है वही परंपरा अनुसार हर सावन के अंतिम सोमवार को बाबा की शाही सवारी निकाली जाती है।
रूट बदलकर निकली यात्रा.. ....
इस वर्ष भी बाबा नीलकंठेश्वर महादेव की शाही सवारी निकाली गई लेकिन इस वर्ष शाही सवारी के मार्ग में परिवर्तन गया।इस वर्ष पूर्व जहां कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुएअधिक तामझाम या जुलूस अथवा बड़ी जनसंख्या में लोग नहीं रहे। लेकिन सांस्कृतिक तौर पर ढोल के साथ डोली में बाबा नीलकंठ महादेव की सवारी शाम को लगभग 5:30 बजे नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के महाकाल पथ, सीरवी मोहल्ला, गणपति चौक, अंबिका चौक ,सुभाष मार्ग ,शनि देव मंदिर होते हुए कहार मोहल्ला होकर गांधी चौक से साईं मंदिर गली होते हुए पुराना बस स्टैंड होकर शाही सवारी निकाली गई।
पुराने रुट पर इंतजार करते रहे लोग...
जबकि प्रति वर्ष अनुसार पुराना बस स्टैंड से प्रारंभ होकर गणपति चौक होते हुए सवारी को नगर में भ्रमण करवाया जाता है। इस तरह से प्रतिवर्ष के पारंपरिक रूट में इस वर्ष परिवर्तन किया गया। परंपरागत पुराने मार्ग पर कई लोग भगवान की दर्शन और आरती के लिए इंतजार करते नजर आए।
भक्तों ने कि मार्ग में दर्शन और पूजन....
सवारी के मार्ग में भक्तों के द्वारा यात्रा के मार्ग में भक्तों के द्वारा बाबा के दर्शन पूजन किए गए और कई जगह पर बाबा की आरती उतारने के अलावा पुष्प वर्षा से स्वागत और अभिनंदन किया गया।
आरती उतारकर प्रसादी वितरण....
अंत में रात्रि में लगभग 12:00 बजे बाबा की सवारी जहां पुनः नीलकंठ महादेव की सवारी वापस मंदिर पर पहुंची जह बाबा के भक्तों के द्वारा 101 दीपक के साथ भगवान की आरती उतारने के बाद प्रसादी का वितरण किया गया।
पुलिस प्रशासन मुस्तैद....
पूरी शाही सवारी यात्रा के दौरान एसडीओपी सोनू डावर के नेतृत्व में थाना प्रभारी संजय रावत एवं पूरा पुलिस दल तथा एसडीएम शिशिर गेमावत के नेतृत्व में तहसीलदार जगदीश वर्मा अपने पूरे अमले के साथ ड्यूटी में रहे।
